सफलता की कहानी स्व सहायता समूह से जुड़कर महिला बनी आत्मनिर्भर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि अब आत्मनिर्भरता के साथ ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सपना निरंतर मजबूत हो रहा है। प्रदेश में स्व सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं अपने स्वयं के स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है। जिससे उनके परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव आ रहे है। ऐसी ही एक कहानी है छतरपुर जिले के लवकुशनगर के ग्राम अमहापुरवा की। गांव में निवासरत अभिलाषा पटेल एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और इनका परिवार पारंपरिक कृषि पर निर्भर है।

इससे होने वाली वार्षिक आय से परिवार का गुजारा नहीं हो पाता था। इसके बाद अभिलाषा ने ठान लिया कि वह कुछ ऐसा काम करेंगी जो आसान भी हो और आय में वृद्धि हो। अभिलाषा ने बताया कि आजीविका मिशन द्वारा संचालित अटइयाबाबा स्व सहायता समूह में शामिल होकर वित्तीय सहायता और तकनीकि ज्ञान प्राप्त किया। इसके बाद स्व सहायता समूह सीसीएल 150000 रुपए का ऋण प्राप्त किया और गांव में ही टेंट हाउस की दुकान खोली। दुकान करीब हर माह 15 से 20 हजार रुपए तक का आर्थिक लाभ होने लगा। अभिलाषा ने आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण पेश किया। जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा की कहानी बनीं हैं। इन्होंने शासन प्रशासन से मिलने वाली सहायता और लाभ के लिए आभार जताया है।

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