मध्य प्रदेश में किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर सियासत अब सड़कों पर उतरने वाली है। प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 7 मई को आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘महा-चक्काजाम’ का बड़ा ऐलान किया है। यह आंदोलन महाराष्ट्र सीमा से लेकर उतर प्रदेश की सीमा तक फैला होगा।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सज्जन सिंह वर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो जारी कर इस आंदोलन की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व में हाईवे पर पड़ने वाले 11 जिलों में 11 प्रमुख स्थानों पर एक साथ चक्काजाम किया जाएगा। जिसमे बड़वानी (सेंधवा), खरगोन, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना। शामिल है इस आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद शाजापुर में मौजूद रहेंगे।
उनके साथ प्रदेश के कई वरिष्ठ विधायक और दिग्गज नेता इस प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन किसानों के साथ हो रही ‘वादाखिलाफी’ के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई है।
कांग्रेस ने मुख्य रूप से तीन मांगों को लेकर इस प्रदर्शन का आह्वान किया है: जिसमें चुनाव के दौरान भाजपा ने ₹2700 प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान में किसानों को बहुत कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है। मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर बारदाने की भारी कमी और खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण किसान अपनी उपज समय पर नहीं बेच पा रहे हैं आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे देश का एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है, इसलिए इस चक्काजाम के कारण हजारों वाहनों के पहिए थम सकते हैं। लंबी दूरी की बसों और ट्रकों के आवागमन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
7 मई को इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।कांग्रेस का यह ‘शक्ति प्रदर्शन’ आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा, जहाँ एक ओर सरकार विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष किसान आक्रोश के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।


