रेत खनन में एसपी पर लगे आरोप तो कलेक्टर और आईजी भी नप गए

विधानसभा उपचुनाव की प्रशासनिक जमावट

भोपाल। भिंड जिले में अवैध रेत खनन को लेकर एसपी पर आरोप के बाद पुलिस अधीक्षक के साथ कलेक्टर और चंबल आईजी को भी हटा दिया गया। इसे आने वाले उपचुनाव की प्रशासनिक जमावट से जोड़ कर भी देखा जा रहा है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की प्रशासनिक जमावट शुरु कर दी है। शनिवार को उन्होंने चंबल कमिश्नर और आईजी के साथ भिंड का कलेक्टर तथा एसपी बदल दिया।

चंबल के कमिश्नर को पहले ही हटा दिया गया था। आज रविंद्र मिश्रा को संभागायुक्त बनाया गया। शाजापुर कलेक्टर वीरेंद्र सिंह रावत को भिंड जिला दिया गया है। भिंड कलेक्टर छोटे सिंह को मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया है।

चंबल जोन के आईजी डी के गुप्ता को पुलिस मुख्यालय बुला कर आईपीएस मनोज शर्मा को चंबल का आईजी पदस्थ किया गया है। मनोज कुमार सिंह को भिंड का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। भिंड एसपी नागेंद्र सिंह को पीएचक्यू भेजा गया है।

पुलिस अफसरों पर रेत खनन के आरोप लग चुके हैं

भिंड में पुलिस अफसरों पर रेत के अवैध खनन को संरक्षण देने के आरोप भी लग चुके हैं। जिसके बाद माना जा रहा था कि यहां बदलाव होगा। एसपी नागेंद्र सिंह का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।

अंचल की 16 सीटों पर होने हैं उपचुनाव

मध्यप्रदेश में होने वाले 24 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में 16 सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल की हैं। कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले इस इलाके में पिछले चुनाव में उनके समर्थक विधायक जीते थे। सिंधिया कैंप के ये पूर्व विधायक अब बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में होंगे। उनकी डिमांड पर अफसरों के तबादले का सिलसिला शुरु हो गया है।

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