भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में देश के पहले किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर के विभिन्न धर्मपीठों के लिए 10 किन्नर महामंडलेश्वर घोषित किए जाएंगे। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इस अवसर पर 200 से अधिक धर्मांतरित किन्नरों की शास्त्रसम्मत विधि से शुद्धिकरण कर ‘घर वापसी’ भी कराई जाएगी।इस आयोजन की अगुवाई देश के पहले और इकलौते किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास तथा किन्नर गुरु काजल ठाकुर और उनकी टीम द्वारा की जा रही है। कार्यक्रम में देशभर से सनातनी हिंदू किन्नर, संत-महात्मा और धर्माचार्य शामिल होकर चयन प्रक्रिया में भाग लेंगे।
किन्नर अखाड़ा की पहल और आरोप
ऋषि अजय दास ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में “किन्नर जिहाद” और कथित जबरन धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सक्रिय हैं। उन्होंने भोपाल और इंदौर के कुछ किन्नर गुरुओं पर बांग्लादेश और पाकिस्तान से संपर्क होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि धर्म की रक्षा और धर्मांतरण रोकने के उद्देश्य से किन्नर धर्माचार्यों के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।आयोजकों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर होने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि किन्नर समाज की धार्मिक पहचान और संगठनात्मक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुष्कर पीठ के लिए होगा चयन
देश के पहले किन्नर शंकराचार्य के लिए राजस्थान की पुष्कर पीठ का चयन किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह वही स्थान है जहां ब्रह्माजी का एकमात्र प्रसिद्ध मंदिर और पवित्र सरोवर स्थित है।इसके साथ ही 10 किन्नर महामंडलेश्वरों की घोषणा की जाएगी, जो दो से तीन प्रदेशों की धार्मिक जिम्मेदारी संभालेंगे। चयन के लिए यह अनिवार्य शर्त रखी गई है कि उम्मीदवार सनातनी हिंदू हो, शिक्षित और संस्कारित हो तथा धर्मग्रंथों का ज्ञाता हो।
घर वापसी और शुद्धिकरण का कार्यक्रम
आयोजकों ने दावा किया है कि 200 से अधिक धर्मांतरित किन्नरों का शास्त्र विधि से शुद्धिकरण कर उन्हें पुनः सनातन धर्म में स्थापित किया जाएगा। इसे वे सामाजिक और धार्मिक पुनर्संरचना की दिशा में एक बड़ा कदम बता रहे हैं।किन्नर गुरु काजल ठाकुर का बयानकिन्नर गुरु काजल ठाकुर ने धर्म रक्षा का संकल्प लेते हुए आरोप लगाया कि धर्मांतरण के लिए कुछ मुस्लिम किन्नरों का गिरोह सक्रिय है। उन्होंने दावा किया कि जबरन धर्म परिवर्तन, पहचान पत्रों में नाम परिवर्तन और आर्थिक लेनदेन जैसे मामलों के संबंध में सबूत पुलिस को सौंपे गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से कथित संपर्कों की जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही कुछ व्यक्तियों पर हिंदू किन्नरों के साथ बर्बरता और जबरन नेग वसूली के आरोप भी लगाए।
आयोजन को लेकर बढ़ी चर्चा
महाशिवरात्रि पर प्रस्तावित यह आयोजन धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर आयोजक इसे सनातन धर्म की रक्षा और किन्नर समाज की धार्मिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी निगाहें टिकी हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और किन्नर समाज के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों का कहना है कि यह ऐतिहासिक कदम किन्नर समाज को धार्मिक मुख्यधारा में संगठित स्वरूप देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।


