कलेक्टर पर उच्च न्यायालय ने लगाया 25 हजार का जुर्माना

कलेक्टर पर उच्च न्यायालय ने लगाया 25 हजार का जुर्माना, जिला बदल मामले पर उच्च न्यायालय ने कलेक्टर उमरिया पर लगाया 25 हजार रूपये का जुर्माना, 7 दिवस में पीड़ित को रकम देने का दिया आदेश

उमरिया – जिले के पाली थाना क्षेत्र निवासी अवैध गांजा व्यवसायी महिला मुन्नी उर्फ माधुरी तिवारी का जिला बदर करने के बाद उसके अधिवक्ता द्वारा कमिश्नर शहडोल के यहां अपील करने पर वहां से भी जिला बदर यथावत रहने के बाद जबलपुर हाईकोर्ट में परिवाद दायर करने पर हाईकोर्ट ने पीड़िता को राहत देते हुए कलेक्टर उमरिया पर 25 हजार की कॉस्ट लगाते हुए पीड़िता को 7 दिन में रकम देने का आदेश दिया है, इस आदेश को लेकर मुन्नी उर्फ माधुरी के अधिवक्ता कल कलेक्टर उमरिया से करेंगे रकम की मांग नही तो पुनः जाएंगे हाईकोर्ट में अवमानना का प्रकरण दर्ज करने।जिला बदर की आरोपी महिला मुन्नी उर्फ माधुरी तिवारी के अधिवक्ता नीरज पाण्डे ने बताया कि एक माधुरी तिवारी है 65 साल की वृद्ध महिला बिरसिंहपुर पाली की रहने वाली, उसके विरुद्ध बिरसिंहपुर पाली थाना द्वारा दो गांजे के एवं दो प्रतिबंधात्मक कार्रवाई फर्जी रूप से लगाकर और दो छोटे मामले मारपीट के थे जिसका प्रतिवेदन माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय को भेजा गया कि इसके विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही की जाए और वह प्रतिवेदन माननीय कलेक्टर महोदय को भेजा गया,

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उसे पर नोटिस जारी हुई माधुरी तिवारी को जिस पर मैंने माधुरी तिवारी की तरफ से पैरवी की और जिला कलेक्टर महोदय को मैंने बताया कि यह 65 साल की महिला है और इसके खिलाफ ऐसा कोई अपराध नहीं है की सजायाफ्ता हुई हो और इसके पति भी बीमार रहते हैं और जिनकी सेवा यह करती है और यह एक महिला है, जिला बदर में यह कहां जाएगी और उसके बाद भी कलेक्टर महोदय उमरिया द्वारा 7 जिलों से बाहर करने का आदेश पारित किया गया जिसे क्षुब्ध होकर माधुरी तिवारी के साथ मैंने संभाग आयुक्त महोदय को अपील प्रस्तुत किया लेकिन संभाग आयुक्त महोदय द्वारा भी जिला कलेक्टर उमरिया के आदेश को सही ठहराया गया, जिससे क्षुब्ध होकर मैने माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका प्रस्तुत की जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल द्वारा जिला कलेक्टर उमरिया और संभाग आयुक्त दोनों को तलब किया गया, उनके रिकॉर्ड को भी तलब किया गया और आदेश पारित किया गया जिसमें कहा गया कि जिला कलेक्टर उमरिया और संभाग आयुक्त दोनों ने विवेक का उपयोग नहीं किया डाकघर की तरह काम कर रहे हैं, महिला के खिलाफ जबरदस्ती झूठे अपराधों के आधार पर कार्रवाई की गई है जिस पर जिला कलेक्टर उमरिया को भी उन्होंने 25 हजार रुपये की कास्ट लगाई है और 7 दिन के अंदर फरियादी को देने का आदेश पारित किया है मैं सोमवार को पिटिशनर के साथ जिला कलेक्टर महोदय के पास कास्ट लेने के लिए आवेदन प्रस्तुत करूंगा यदि आवेदक को कास्ट नहीं देते हैं तो हम कंटेम्प्ट की कार्रवाई के लिये माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे।

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