नदी किनारे जमीन में दफन शव का खुला राज, करंट लगने से हुई थी युवक की मौत; दो दोस्त गिरफ्तार

उमरिया – जिले की कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मगरघरा में तीन दिन पूर्व नदी किनारे खेत के पास 21 वर्षीय युवक गोकरन सिंह का शव मिलने से जिले भर में हड़कंप मच गया था, पुलिस उसके बाद लगातार प्रयास करती रहीं लाश की स्थिति खराब होने के कारण शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजा गया था जहां शार्ट पी एम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है l

पुलिस उस दिशा में काम करने लगी l एस डी ओ पी उमरिया पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि दिनांक 08.09.2026 को फरियादी निवाली मगरधरा द्वारा अपने पुत्र गौकरण सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई कि उसके पुत्र दिनांक 05.09.2026 से घर से कही चला गया है रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में धारा 140(3) के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के दौरान अगले दिन 09.09.2026 को सूचना मिली कि मगरधरा में नदी के पास से बदबू आ रही है, मिट्टी में किसी का शव होने की संभावना है।

सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित नियमानुसार कार्यवाही करते हुये शव को बाहर निकलवाया गया । शव की शिनाख्त गौकरण के रूप में हुई जिस पर पुलिस टीम द्वारा प्रारंभिक कार्यवाही करते हुये मर्ग कायम कर मर्ग जांच में लेकर घटना स्थल एवं आसपास से आवश्यक साक्ष्य संकलित कर लोगो से पूछताछ की गई जिस पर मामले में 02 संदेहियों की पहचान कर बारीकी से पूछताछ की गई जिस पर खुलासा हुआ कि दिनांक 05.09.2026 को ग्राम मगरघरा के पास नदी में मछली पकड़ने के लिए विद्युत करंट का उपयोग करने के दौरान गौकरण सिंह की करंट की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी । सम्पूर्ण विवेचना के दौरान मामला सामने आया कि भारत सिंह पिता बालकरण सिंह उम्र 21 वर्ष निवासी मगरघरा एवं वेंकट रमन पिता अशोक सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी मगरघरा द्वारा गौकरण सिंह के साथ मिलकर विद्युत करंट के माध्यम से मछली पकड़ने की योजना बनाई गई थी।

भारत सिंह द्वारा अपने घर से लगभग 100 मीटर दूर नदी तक विद्युत तार ले जाया गया तथा वेंकट रमन द्वारा उक्त तार को दूसरे तार से जोड़कर नदी के पानी में विद्युत करंट प्रवाहित किया गया। इसी दौरान नदी के पानी में मौजूद गौकरण सिंह विद्युत करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। जिस पर दोनो ने शव नदी के पास ही गड्डे में डाल कर उपर से मिट्टी डाल दी गई और वहां से भाग गये । आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि नदी के पानी में विद्युत करंट प्रवाहित करना अत्यंत खतरनाक एवं जानलेवा है तथा इससे व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। इसके बावजूद मछली पकड़ने के उद्देश्य से विद्युत करंट प्रवाहित किया गया।दोनों अभियुक्तगण को गिरफ्तार करने के उपरांत न्यायालय पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है

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