5 साल से बंद नारायणपुरा शक्कर कारखाना, किसानों का फूटा गुस्सा; कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली

गुना में बंद पड़े नारायणपुरा शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। किसानों और कर्मचारियों ने कारखाना शुरू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और शास्त्री पार्क से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द कारखाना शुरू कराने की मांग की है।दरअसल, गुना के नारायणपुरा स्थित शक्कर कारखाने को शुरू हुए करीब दो दशक का समय हो चुका है। समिति के अनुसार, यह कारखाना वर्ष 2000 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2017 में इसे अचानक घाटे में बताते हुए बंद कर दिया गया। कारखाना बंद होने के बाद न केवल वहां काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हुआ, बल्कि आसपास के किसानों और अन्य लोगों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जब यह शक्कर कारखाना संचालित होता था, तब किसानों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक तरक्की के अवसर भी बढ़ते थे। किसान गन्ने की फसल उगाकर उसे कारखाने तक पहुंचाते थे और इससे उन्हें अपनी फसल का बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद रहती थी। वही कर्मचारियों ओर किसानों को आर्थिक चक्र का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर किसानों और कर्मचारियों ने कई बार आंदोलन किए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले भी किसान महापंचायत, बाइक रैली और अन्य आंदोलनों के जरिए शासन और प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कारखाना दोबारा शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी क्रम में नारायणपुरा शक्कर कारखाना चालू करो संघर्ष समिति के बैनर तले किसान शास्त्री पार्क में एकत्रित हुए। यहां किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इसके बाद प्रदर्शनकारी रैली के रूप में शास्त्री पार्क से रवाना हुए। रैली लक्ष्मीगंज, सदर बाजार, निचला बाजार, हाट रोड और हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची।कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर किसानों और समिति के सदस्यों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बंद पड़े नारायणपुरा शक्कर कारखाने को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की गई है।किसानों और कर्मचारियों की एक बड़ी मांग बकाया राशि को लेकर भी है। समिति ने कहा है कि कारखाना दोबारा शुरू करने के साथ किसानों और कर्मचारियों की पूर्व की बकाया राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से बकाया राशि मिलने का इंतजार किया जा रहा है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में भी जल्द निर्णय लेना चाहिए। इसके साथ ही कारखाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति ने आरोप लगाया कि कारखाना बंद होने के बाद परिसर में आए दिन चोरी की घटनाएं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है।किसानों और संघर्ष समिति ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्यवाही नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि नारायणपुरा शक्कर कारखाना केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण केंद्र है।

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