छतरपुर | भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर जिले में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। 35 वर्ष से कम उम्र की अनिवार्यता के बीच दावेदारों ने जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। इसी बीच वर्तमान जिलाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी के दो आधार कार्ड सामने आने से विवाद खड़ा हो गया है।
दोनों आधार कार्ड में जन्मतिथि में दो साल का अंतर बताया जा रहा है। एक में जन्म वर्ष 1990 दर्ज है, जिसके अनुसार उनकी उम्र 36 वर्ष होती है, जबकि दूसरे में 1992 दर्ज होने से उम्र 34 वर्ष बनती है। ऐसे में उम्र सीमा के नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, पार्टी ने 45 वर्षीय राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए 35 वर्ष से कम उम्र तय की है। इसी तर्ज पर जिलाध्यक्ष पद के लिए भी यही मापदंड लागू किया गया है। इस फैसले के बाद जिले में कई युवा नेताओं ने अपनी दावेदारी ठोक दी है। कुछ विधायक भी अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए सक्रिय बताए जा रहे हैं।
दावेदारों में नीरज चतुर्वेदी के अलावा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंचल जैन, अप्पू राजा सोनी (मऊसहानियां), अंशु शुक्ला (चंदला), जिला महामंत्री बृजेंद्र सिंह तोमर ‘विक्की’, भगवत पटेल, जिला उपाध्यक्ष यशपाल राजपूत और धर्मेंद्र सिंह गठेवरा प्रमुख रूप से शामिल हैं। बताया जा रहा है कि विधायकों ने अपने-अपने समर्थकों के तीन-तीन नाम संगठन को भेजे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में जिलाध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम की भूमिका अहम मानी जा रही है। बृजेंद्र सिंह तोमर को उनका करीबी बताया जा रहा है, जिससे समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
वहीं, नीरज चतुर्वेदी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है और नए जिलाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके विरोधी उन्हें बदनाम करने के लिए आधार कार्ड को एआई के जरिए एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।फिलहाल, इस विवाद ने संगठन के भीतर हलचल तेज कर दी है और सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं।


