न्यूयॉर्क: अमेरिका और ब्रिटेन ने हॉन्गकॉन्ग का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया है. शुक्रवार को दोनों देशों ने चीन द्वारा हॉन्गकॉन्ग में नया सुरक्षा कानून लगाने की प्रक्रिया पर विरोध जताते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन बताया. कहा कि इससे आने वाले दिनों में हालात बिगड़ेंगे. उधर, चीन ने इस मामले पर चर्चा के प्रति नाराजगी जताई है और जवाब में रूस के साथ मिलकर अमेरिका में अश्वेत लोगों पर हिंसा का आरोप लगाया.
चीन ने पुलिस हिरासत में अश्वेत आदमी की हत्या का मामला उठाया. चीन की आपत्ति के बाद 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने हॉन्कॉन्ग पर बंद कमरे में अनौपचारिक चर्चा की.
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दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और ब्रिटेन ने हॉन्कॉन्ग के मामले पर खुली चर्चा के लिए नोटिस दिया था लेकिन चीन ने यह कहकर आपत्ति जताई कि इस मसले से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को कोई खतरा नहीं पैदा होने वाला, फिर इसपर तात्कालिक और खुली बहस क्यों की जाए. इसी के बाद सदस्य देशों ने अनौपचारिक चर्चा करने का फैसला किया.
US and UK raised concerns about China’s plans to impose a new security law in Hong Kong at UNSC
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— ANI Digital (@ani_digital) May 29, 2020
अमेरिकी राजदूत केली क्राफ्ट ने कहा कि, ‘क्या हम हॉन्गकॉन्ग में लोगों के मानवाधिकार के लिख खड़े होंगे या उनपर चीनी अत्याचार होते देखते रहेंगे.”
गौरतलब है कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य हैं जबकि दस अस्थायी. पांच स्थायी सदस्यों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस के अलावा चीन भी शामिल है.


