वाशिंगटन: कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic) से निपटने में भारत (India) के सहयोग की अमेरिका (America) ने सरहाना की है। अमेरिका ने कहा कि भारत का रवैया कोरोना (Coronavirus) की शुरुआत से ही, इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में बेहद सकारात्मक रहा है.
भारत ने शुरुआत से दिया साथ
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जब दुनिया के कई देश असल हालातों को छिपा रहे थे या वास्तविकता के लिए परेशान थे तब भी भारात ने इससे निपटने के लिए अपनाए जाने वाले मेडिकल उपकरणों से लेकर दवाओं की सप्लाई में अमेरिका के साथ एक अच्छे भागीदार के तौर पर मिलकर काम किया.
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भारत-अमेरिका की साझेदारी उदाहरण
अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (Indo-Pacific region) और दुनिया के लाभ के लिए, कई चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से साथ हैं. उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सामने स्पष्ट उदाहरण है कि अमेरिका-भारत की साझेदारी ने COVID-19 महामारी से बचाव के लिए किस तरह काम किया. उस समय उप-सचिव स्टीफन बेजगुन ने इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत के साथ मिलकर काम किया था.
‘रीमेडिसविर’ की जेनरिक फॉर्म के लिए हुआ समझौता
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी कंपनी गिलियड ने भारतीय दवा कंपनियों से ‘रीमेडिसविर’ (remdesivir) की जेनरिक फॉर्म बनाने के लिए वॉलंटियरी लाइसेंसिंग समझौता भी किया. इसके परिणाम स्वरूप इसे 127 निम्न और मध्यम आय वाले देशों को उपलब्ध कराया जाएगा.
अमेरिका-भारत का साथ बेहद अहम
अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने और उत्पादन करने के लिए अमेरिका और भारत एक साथ काम कर रहा है. अधिकारी ने विश्वास जताया कि अगले छह महीने और उससे आगे के लिए भारत और अमेरिका का साथ इस महामारी से वैश्विक स्तर पर निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के लिए बेहद अहम होगा. अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के आगामी कार्यकाल का स्वागत किया.
दोनों का साथ देगा चीन को मात
ऋण सेवा निलंबन पहल का समर्थन करने के लिए G20 के माध्यम से अमेरिका और भारत एक साथ हैं. COVID-19 महामारी के आर्थिक झटके से उबरने और ऋण पारदर्शिता और स्थिरता में सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए चल रहे चीनी प्रयासों के विपरीत, दुनिया के सबसे गरीब देशों की मदद करने के लिए ऋण राहत की पेशकश के लिए अमेरिका और भारत एक साथ काम कर रहे हैं.
भारत के प्रयास बेहद अहम
अधिकारी ने कहा कि भारत की अमेरिका और अन्य मित्र देशों के साथ काम करने की अहमियत वैश्विक स्तर पर बेहद अहम हो गई है. एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए भारत के प्रयास महत्वपूर्ण हैं. भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में देखा जा रहा है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के विषय में भारत और अमेरिका का नजरिया एक ही है. हमारी सोच शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध है.
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हम विश्वसनीय डिजिटल नेटवर्क को विकसित करने और बढ़ावा देने, वैश्विक ऋण समाधान विकसित करने और निष्पक्ष बनाने के लिए विश्वसनीय सप्लाई चेन विकसित कर रहे हैं. ये प्रयास आर्थिक स्तर पर बड़ी बढ़त देंगे.
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