नई दिल्ली: म्यांमार में तख्तापलट के बाद यंगून की सड़कों पर सेना की बख्तरबंद गाड़ियों ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है. देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची गिरफ्तारी के बाद से देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसे में दुनियाभर के मुल्कों की नजर वहां की मौजूदा स्थिति पर बनी हुई है.
इस बीच अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. म्यांमार स्थित अमेरिकी दूतावास ने ताजा हालात को देखते हुए अपने नागरिकों से घरों में ही रहने की अपील की है. सोमवार को एक ट्वीट के जरिए अमेरिकी दूतावास ने आगाह किया है कि वहां टेलीकॉम सेवाएं भी बंद की जा सकती हैं.
‘घर से न निकलें अमेरिकी’
दूतावास की ओर से कहा गया है, ‘यंगून में सेना के मार्च के दौरान दोपहर एक बजे से सुबह 9 बजे तक टेलिकॉम सेवाएं बाधित होने के संकेत मिल रहे हैं. म्यांमार में रह रहे अमेरिकी नागरिकों से अपील है कि शाम आठ बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलें.’
There are indications of military movements in Yangon and the possibility of telecommunications interruptions overnight between 1:00 a.m. and 9:00 a.m. U.S. citizens in Burma are advised to shelter-in-place during the 8:00 p.m. to 4:00 a.m. curfew hours.
— American Citizen Services – Burma (Myanmar) (@ACSRangoon) February 14, 2021
‘सेना ने किया जंग का ऐलान’
ऐसा माना जा रहा है कि सेना अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी में है. काचिन में लगातार 9 दिन से सेना के तख़्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने म्यांमार की सेना पर लोगों के खिलाफ जंग का ऐलान का आरोप लगाया है.
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म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष अधिकारी टॉम एंड्र्यूज़ (Tom Andrews) ने कहा, ‘ऐसा लग रहा है कि सेना ने म्यांमार के लोगों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है. आधी रात में छापे मारे जा रहे हैं, लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उनके अधिकार छीने जा रहे हैं. फिर से इंटरनेट भी बंद किया गया है. सेना के काफिले रिहाइशी इलाकों में घुस रहे हैं’.

