VHP का दावा, हमारे मॉडल पर बना तो 2024-25 तक तैयार हो जाएगा राम मंदिर – Ram temple ready by 2024 25 vhp claims built our model govt donates rs one in cash ayodhya trust begin its work

  • विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार का दावा
  • ‘राम मंदिर चार से पांच साल में बनकर तैयार हो जाएगा’
  • ट्रस्ट को केंद्र सरकार से मिला एक रुपये का नकद दान

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा के बाद आयोध्या में मंदिर निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. दो मंजिल के प्रस्तावित राम मंदिर की रूपरेखा पहले से तैयार है. पहली मंजिल का काम करीब-करीब पूरा बताया जा रहा है. समाचार एजेंसी आईएएएस के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या में कारसेवकपुरम के पास मौजूद कार्यशाला में प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों को तराशने का काम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही शुरू हो गया था.

मंदिर के लिए 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है. लगभग 212 पिलर पर बनने वाले राम मंदिर के लिए अभी और पत्थर तराशे जाने हैं. एक पिलर के तलाशने में कम से कम तीन महीने का वक्त लगता है. माना जा रहा है कि 20 लाख घनफुट पत्थरों की जरूरत और होगी.

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सरकार के पैसे से राम मंदिर का निर्माण नहीं हो- विहिप

उन्होंने कहा, “विहिप के मॉडल के मुताबिक मंदिर बनने में चार-पांच साल का वक्त लग सकता है. अगर ट्रस्ट विहिप के मॉडल पर काम शुरू करता है तो मंदिर के बनने में 2024-25 तक का वक्त लग सकता है.” आलोक कुमार ने साफ किया कि राम मंदिर निर्माण के लिए फंड जुटाने का काम अगर ट्रस्ट कहेगा तो विहिप करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार के पैसे से राम मंदिर का निर्माण नहीं होना चाहिए. राम मंदिर परिसर के चारों ओर बैरिकेडिंग के बारे में पूछे जाने पर आलोक कुमार ने साफ किया कि सुरक्षा का क्या और कैसा प्रबंध हो, यह तय करना सुरक्षा से जुड़े लोगों का काम है, लेकिन हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द लोगों को राम लला के दर्शन हों.

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आलोक कुमार ने यह भी कहा कि राम मंदिर के बनने के साथ-साथ पूरे अयोध्या में तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए ढांचागत विकास करना होगा. यह सारा काम ट्रस्ट को करना है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही कारसेवकपुरम के पास स्थित कार्यशाला में मंदिर के पत्थर, बीम के पत्थर, छज्जे, पिलर तराशने का काम शुरू हो गया था. 106 पिलर, छतें, नींव के पत्थर और उसके ऊपर लगने वाले पत्थर तैयार हैं. पत्थरों को तराशे जाने का काम काफी पहले से चल रहा है. अब इन्हें फिर से साफ करना होगा. इसके अलावा ऊपर की मंजिल के लिए भी काम करना होगा.

ऐसा होगा राम मंदिरा का स्वरूप

विहिप के कार्यध्यक्ष ने बताया कि मंदिर को पांच हिस्सों में बांटकर तैयार किया जाएगा. पहला हिस्सा मंदिर का अग्रभाग होगा. फिर इसके दरवाजे होंगे, जिसे प्रस्तावित मॉडल में सिंहद्वार कहा गया है. इसके बाद दो मंडप होंगे. बाहर से भीतर की तरफ दाखिल होते हुए पहला नृत्य मंडप होगा, जबकि दूसरा रंगमंडप होगा। नीचे रामलला विराजमान होंगे, जबकि ऊपर की मंजिल पर राम दरबार होगा. कार्यशाला में लगे शिलापट के मुताबिक, पहली मंजिल की ऊंचाई 18 फुट होगी, जबकि दूसरी मंजिल की ऊंचाई 15 फुट 9 इंच होगी. इसके ऊपर 16 फुट 3 इंच की पेटी होगी और उसके ऊपर 65 फुट 3 इंच के आकार का शिखर होगा.

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