‘जीत भीड़ के साथ नहीं, भगवान के साथ होती है’: बागेश्वर धाम में पीठाधीश शास्त्री की संगीतमय सत्यनारायण कथा; ग्रेट खली भी पहुंचे, एकता पदयात्रा में शामिल होने की अपील

छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जन्मस्थली पर तीन दिवसीय संगीतमय श्री सत्यनारायण कथा का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन की कथा में महाराज श्री ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि “जीत भीड़ के साथ नहीं, भगवान के साथ होती है।”कथा में बद्रीनाथ धाम से पूज्य बालक योगेश्वर दास महाराज और वृंदावन के प्रख्यात कथा व्यास पूज्य इंद्रेश महाराज की उपस्थिति रही। इंद्रेश उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में बागेश्वर महाराज की तारीफ करते हुए कहा कि “जो सहता है, वही जीतता है।”कथा में महाराज श्री ने सत्य को ही ईश्वर बताते हुए कहा कि जिसने सत्य को जान लिया, उसने ईश्वर को जान लिया। उन्होंने रामचरितमानस का हवाला देते हुए कहा कि भगवान का भजन ही सत्य है, बाकी जगत मिथ्या है।द ग्रेट खली ने की अपील:शनिवार को प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली भी बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी और महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। खली ने सभी सनातनी प्रेमियों से 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक चलने वाली सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होने की अपील की।

बाइट, धीरेंद्र शास्त्री, बागेश्वर धाम

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