सिंगरौली जिले की THDC कोल माइंस में आज मुआवजे और विस्थापन का लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने कोयले का परिवहन रोक दिया प्रदर्शन में महिलाएं भी लाठी-डंडे लेकर कोयला परिवहन कर रहे वाहनों के सामने खड़ी हो गईं मौके पर कंपनी के अधिकारी और प्रबंधन के लोग मौजूद रहे ग्रामीणों का आरोप है कि करीब पांच साल से कोयला उत्पादन होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को उनका उचित हक नहीं मिला है ब्लास्टिंग से घरों में दरारें प्रदूषण से परेशान प्रभावित ग्रामीण ने बताया कि उनका घर खदान के ठीक बगल में है ब्लास्टिंग के कारण मकान में दरारें आ रही हैं और खदान का प्रदूषण उनके घर तक पहुंच रहा है इसके बावजूद कंपनी की ओर से न तो मुआवजा दिया जा रहा है और न ही कोई अन्य सहयोग मिल रहा है वहीं संपत्तियां देवी ने आरोप लगाया कि कंपनी के लोग आंदोलन करने पर पुलिस बुलाकर जेल भिजवाने की धमकी देते हैं प्रभावित अन्य लोगो ने कहा कि ग्रामीण उचित क्षतिपूर्ति और विस्थापन का लाभ मिलने के बाद दूसरी जगह बसकर जीवनयापन करना चाहते हैं उनका कहना है कि कोयला खनन के कारण उनकी जमीन और जंगल छिन गए, जबकि वे पहले इसी पर निर्भर थे THDC कंपनी के उपप्रबंधक एस एस गोस्वामी ने कहा कि सभी ग्रामीणों को विस्थापन का लाभ दिया जा चुका है कुछ लोग अभी शेष हैं कंपनी ने जिला प्रशासन के खाते में राशि जमा करा दी है उन्होंने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी पात्र प्रभावितों को विस्थापन का लाभ मिल जाएगा उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगातार कोयला परिवहन और उत्पादन रोकने से कोयले पर निर्भर पावर प्लांट के संचालन में दिक्कत आ रही है साथ ही स्थानीय लोगों से बातचीत में भी परेशानी हो रही है THDC की इस परियोजना में अमिलिया कोल माइंस लिमिटेड को आदित्य बिड़ला ग्रुप के साथ (MDO) यानी डेवलपर एंड ऑपरेटर के तहत कोयले का खनन किया जा रहा है परियोजना में पिडरवाह, बोदराटोला, बाणीझरिया,मिलाकर कोल ब्लॉक बनाया गया है यहां करीब पांच साल से कोयला उत्पादन जारी है इसके बावजूद विस्थापन के लाभ को लेकर ग्रामीणों और कंपनी के बीच विवाद बना हुआ है अब ग्रामीण मुआवजे और उचित पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं।


