what is IBS and OCD: पॉटी करते समय लगाना पड़ता है अधिक प्रेशर और टाइम? IBS और OCD हो सकते हैं वजह – reason and symptoms of irritable bowel syndrome and obsessive compulsive disorder

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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अगर आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप फ्रेश होने में ज्यादा टाइम लगाने की वजह से बहुत असहज महसूस करते हैं। साथ ही घर-परिवार में डांट सुनते हैं या भाई-बहन और दोस्तों की हंसी का कारण बनते हैं तो आपको अपने पेट के बारे में बहुत कुछ जानने की जरूरत है…

क्यों लगता है बाथरूम में अधिक वक्त?

-जो लोग बाथरूम में बहुत अधिक वक्त लगाते हैं और उन्हें इस बात का अहसास भी नहीं होता तो इसका मतलब है कि उन्हें सायकॉलजिकल हेल्प की जरूरत है। क्योंकि वे ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से गुजर रहे हो सकते हैं। या फिर उन्हें इरिटेबल बॉल सिंड्रोम या डिल्यूजनल डिसऑर्डर की समस्या हो सकती है। अब यह जानें कि इनमें अंतर क्या है…

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर OCD के लक्षण

-जो लोग ओसीडी से ग्रसित होते हैं उन्हें रीपिटेड थॉट्स आते हैं यानी कि उन्हें एक ही तरह के विचार बार-बार आते रहते हैं। ये विचार उन्हें परेशान करते हैं और उन विचारों के अनुसार ही वे एक काम को बार-बार करते रहते हैं। जैसे, कोई व्यक्ति बार-बार हाथ धोता रहता है। कई बार तो यह दिक्कत इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति एक दिन में साबुन की एक-एक टिक्की तक खत्म कर देता है!

पॉटी धोना और फिर प्रेशर लगाना

-ओसीडी के कुछ मरीजों को ना सिर्फ नहाने में बल्कि पोटी जाने में भी बहुत वक्त लगता है। कुछ पेशंट तो पोटी जाने और नहाने में ही 5 से 6 घंटे लगा देते हैं…इन्हें बार-बार लगता है कि अभी इनका पेट साफ नहीं हुआ है और ये फिर प्रेशर लगाते हैं, क्लिनिंग के बाद खड़े होते हैं और फिर लगने लगता है कि अभी भी प्रेशर आ रहा है… यही क्रम चलता रहता है, जब तक कि इन्हें यकीन ना हो जाए कि अब सब ठीक है।

इरिटेबल बॉल सिंड्रोम

-Irritable Bowel Syndrome एक ऐसी मानसिक दिक्कत है, जो ऐंग्जाइटी डिसऑर्डर से संबंधित होती है। इसमें भी पीड़ित व्यक्ति को बाथरूम में ज्यादा वक्त लगता है लेकिन यह सिंड्रोम ओसीडी से टेक्निकली अलग होता है। क्योंकि ओसीडी का पेशंट एक बार बाथरूम में जाता है तो कई घंटे बिताकर बाहर आता है जबकि इरिटेबल बॉल सिंड्रोम का पेशंट बार-बार बाथरूम में जाता है।

बार-बार यूरिन और पॉटी आना

-इरिटेबल बॉल सिंड्रोम से ग्रसित मरीज को बार-बार यह अहसास होता है कि उसे यूरिन आ रहा है या पॉटी का प्रेशर बन रहा है। जबकि वास्तव में ऐसा होता नही है और मरीज बार-बार बाथरूम के चक्कर लगाता रहता है। ऐसे में वह बहुत अधिक मानसिक दबाव महसूस करता है और उसकी कार्यक्षमता भी कम होती जाती है।

इरिटेबल बॉल सिंड्रोम और पेट की बीमारियां

-इरिटेबल बॉल सिंड्रोम से जूझ रहे व्यक्ति को पेट में मरोड़ आना यानी क्रैंप्स, पेट दर्द, हर वक्त गैस पास होना या पेट फूलने जैसी समस्या लगना, डायरिया या कॉन्स्टिपेश या बहुत जल्दी-जल्दी दोनों बीमारियों की शिकायत भी हो सकती है।


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