May 4, 2021

when rt-pcr becomes negative in covid-19: 100% सही नहीं होता RT-PCR टेस्ट, कोविड निगेटिव आने पर रहें सावधान और इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज – what should we do if our covid19 rt pcr test is negative but still show corona symptoms

कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Covid Scond wave) से लोग पहले ही परेशान हैं और अब इससे तमाम नए घातक वेरियंट भी आ रहे हैं, जिससे हर रोज लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं। भारत में पिछले 24 घंटे में 3 लाख 57 लोग कोविड से संक्रमित हो चुके हैं जबकि 3449 लोगों की मौत हो चुकी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूसरी लहर (second wave) में ऑक्सीजन की कमी का संकट लोगों में ज्यादा खौफ बढ़ा रहा है। महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार टेस्टिंग और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाई है लेकिन हाल के दिनों में संक्रमित लोग भी कोविड टेस्ट में निगेटिव आ रहे हैं।

जी हां, तमाम लोगों की जांच रिपोर्ट्स पर गौर करें तो उनमें वायरस के लक्षण (Covid symptoms) होने के बावजूद गलत पहचान के चलते निगेटिव आ रही है। कुछ शोध के अनुसार, आरटी-पीसीआर टेस्टिंग (RT-PCR test) एक स्टैंडर्ड मानक हैं, लेकिन लेटेस्ट रिपोर्ट से पता चलता है कि ये गलत भी हो सकते हैं। बावजूद इसके आरटी-पीसीआर के टेस्ट वायरस का पता लगाने में प्रभावी माने जाते हैं लेकिन कोई भी टेस्ट 100 फीसद सटीक नहीं है और नतीजे कई फैक्टर पर निर्भर करते हैं। इसलिए अगर आपकी रिपोर्ट निगेटिव भी आए तो आपको कुछ सिम्टम्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​निगेटिव आने पर न हों बेफिक्र, हेल्थ को करें मॉनिटर

अगर आपने आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए अपनी कोविड जांच करवाई है और टेस्ट निगेटिव आया है तो आप बेफिक्र होने की बजाए खुद के लक्षणों को नोटिस कीजिए। तमाम लोग निगेटिव रिपोर्ट आने के बावजूद भी हेल्दी फील नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को आइसोलेट होकर अपने लक्षणों की मॉनिटरिंग करनी चाहिए।

शोधकर्ताओं के अनुसार , RT PCR टेस्ट से कोरोना संक्रमण के बारे में भरोसेमंद नतीजे का पता चलता है लेकिन कभी-कभी ये भी ‘गलत निगेटिव’ होते हैं, ऐसे में ये भविष्य में लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि कोविड-19 के माइल्ड यानी हल्के लक्षण भी भविष्य में अत्यंत गंभीर हो सकते हैं।

घर में बिना मास्क के रहने से होता है 90% कोविड इंफेक्‍शन का खतरा, जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

​कोविड निगेटिव होने पर भी इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • 1. स्वाद और सूंघने की क्षमता खो देना।
  • 2. गले की खराश के साथ-साथ लगातार खांसी आना और बुखार का बिगड़ जाना।
  • 3. दर्द निवारक दवाइयां (Pain-relieving medicines) लेने के बाद भी बुखार का ठीक न होना और ठंड लगना।
  • 4. हमेशा थका-हारा यानी अधिक सुस्त (Severe fatigue) महसूस करना।
  • 5. पेट से जुड़े लक्षण जैसे डायरिया और मतली, जिससे पेट में ऐंठन और उल्टी (Vomiting)

​कितने सटीक हैं RT-PCR टेस्ट?

-rt-pcr-

कोरोना टेस्ट के लिए अधिकतर प्रयोग होने वालों में से कुछ आरटी-पीसीआर, कोविड-19 एंटी बॉडी टेस्ट, कोविड-19 रेपिड एंटीजेन टेस्ट हैं। मौजूदा दौर में RT PCR टेस्ट सबसे सटीक (Most Accurate) माना जा रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में कई रिपोर्ट बताती है कि गलत निगेटिव रिपोर्ट कोरोना वायरस पीड़ितों के बीच आई है।

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में केवल 60 प्रतिशत ही सटीक हो सकते हैं। दूसरी लहर के बाद से, ऐसी कई रिपोर्टें आई हैं जिनमें COVID-19 के कुछ सामान्य लक्षण दिखे फिर भी वे निगेटिव पाए गए। मरीज में कोविड सिम्टम्स दिखने के बाबजूद उनके रिपोर्ट में निगेटिव आने के एक्सपर्ट्स ने कई कारण बताए हैं।

कोरोना काल बीतने तक इन खट्टे फलों को बना लें अपना साथी, विटामिन-सी की है इनमें भरमार

लक्षण दिखने के बाद भी क्‍यों आती है निगेटिव रिपोर्ट?

  • रिपोर्ट के मुताबिक, नाक या गले से सैंपल लेने के दौरान, गलत सैंपल लेने का तरीका, वायरस को सक्रिय रखने के लिए आवश्यक तरल की मात्रा, स्वैब सैंपल का गलत तरीके से परिवहन गलत निगेटिव की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
  • स्ट्डी के अनुसार, कभी-कभी मरीज के शरीर में वायरल लोड बहुत कम होता है, जिसके चलते कई बार निगेटिव रिपोर्ट हासिल होती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को बहुत हल्के लक्षण हों और उसने अपना टेस्ट तुरंत करा लिया हो RT PCR टेस्ट सटीक नहीं आता।
  • हाल ही में एक आई एक रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ऐसा भी हो सकता है कि RT PCR टेस्ट कोरोनोवायरस के नए वेरिएंट का पता लगाने में पूरी तरह से सक्षम न हो।

वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं सेंटर तो इन 5 बातों का रखें ध्यान, कहीं कोरोना की चपेट में न आ जाए जान

​टेस्ट निगेटिव आने के बाद क्या करना चाहिए?

  • 1. पूरी तरह खुद को स्वस्थ महसूस होने तक आइसोलेशन में रहें और हेल्थ की निगरानी करें।
  • 2. ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर अपने पास रखें। जब असहज महसूस हो अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें।
  • 3. खुद में परिवर्तिक हो रहे लक्षणों पर लगातार गौर करते रहें।
  • नोट- अगर दोबारा जांच के लिए जाते हैं, तब सलाह दी जाती है कि ऐसा पहले टेस्ट के 3-4 दिनों बाद करें।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *