कौन-कौन से तेल से है कैंसर का ज्यादा जोखिम

ऐसा माना जाता है कि गर्म होने पर कॉर्न, सनफ्लावर, पाल्म और सोयाबीन के तेल एल्डिहाइड नामक रसायन छोड़ते हैं। यह ऐसे खतरनाक तत्व हैं, जो विभिन्न कैंसर से जुड़े हुए हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जहरीले यौगिक रेटिनाल्डिहाइड के ऑक्सीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं, इसे रेटिनोइक एसिड में बदल सकते हैं। यह बदले में कैंसर कोशिकाओं को जन्म दे सकता है।
तेल से क्यों है कैंसर का जोखिम

दरअसल तेल में पॉलीअनसेचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। तेल को गर्म करने पर यह एल्डिहाइड में टूट जाता है। यही वजह है कि तेल को गर्म करने पर उसमें एक गंध आती है। वैसे भी गर्म तेल खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वेजिटेबल ऑयल में कैंसर वाले तत्व

डीमोनफोर्ट यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि वनस्पति तेलों में तले हुए भोजन में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) द्वारा अनुशंसित दैनिक मात्रा की तुलना में 200 गुना अधिक एल्डिहाइड होता है।
ओलिव ऑयल से कैंसर का कम खतरा

दिलचस्प बात यह है कि अध्ययन में पाया गया कि ओलिव ऑयल यानी जैतून के तेल, चरबी और मक्खन में एल्डीहाइड की मात्रा बहुत कम होती है जिस वजह से इनसे कैंसर का जोखिम भी कम होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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