काठमांडू: नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने रविवार को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाले धड़े को चुनौती दी कि अगर वे हटा सकते हैं, तो उन्हें शीर्ष पद से हटा दें. प्रधानमंत्री ओली इस वक्त 69 साल के हैं जो अपने गृह जिले झापा में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
‘अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती’
नेपाल में सत्ता की लड़ाई एक बार फिर से सुर्खियों में है. आपको बता दें कि काठमांडू (Kathmandu) से प्रकाशित नेपाल के प्रमुख न्यूज़ पेपर माई रिपब्लिका (My Republica) के मुताबिक पीएम ओली ने प्रचंड के नेतृत्व वाले धड़े को अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती दी है.
दो तिहाई बहुमत से जीतूंगा: PM
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘के पी ओली अब भी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के संसदीय दल के नेता हैं. वह पार्टी अध्यक्ष होने के साथ ही प्रधानमंत्री भी हैं. अगर आपने संसद को बहाल किया है, तो के पी ओली को प्रधानमंत्री के पद से हटा दें’. समाचार पत्र ने ओली के हवाले से कहा, ‘अगर आप हटा सकते हैं, तो मुझे हटा दें. अगर मुझे पद से हटाया जाता है, तो मैं अगले चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल करुंगा.’
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राजनीतिक संकट बरकरार
पिछले साल नेपाल में उस समय राजनीतिक संकट पैदा हो गया था, जब 20 दिसंबर को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर संसद के निचले सदन को भंग करने और नए चुनाव कराने की घोषणा की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने दिया दखल
पिछले हफ्ते नेपाल के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में संसद के 275 सदस्यीय निचले सदन को भंग करने के ओली सरकार के ‘असंवैधानिक’ फैसले को रद्द कर दिया था. वहीं अदालत ने सरकार को अगले 13 दिनों के भीतर सदन का सत्र बुलाने का भी आदेश दिया है.
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