काबुल: अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा तालिबान के अजीबोगरीब कानून बन रहे हैं। इन कानूनों के कारण, मलबे में दबी महिलाओं को बचाना लगभग असंभव हो गया है, क्योंकि तालिबान के नियमों के अनुसार कोई गैर-पुरुष महिलाओं को छू नहीं सकता।
यही वजह है कि कई जगहों पर मलबे में दबी महिलाएं, जो अभी जिंदा हैं, उन्हें वहीं छोड़ दिया गया है। वहीं, जिनकी मौत हो चुकी है, उन्हें रस्सी या कपड़े की मदद से खींचकर बाहर निकाला जा रहा है। राहत कार्यों में महिला कर्मियों की संख्या भी बेहद कम है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है।
बता दें कि अफगानिस्तान में आए इस भीषण भूकंप ने अब तक 2200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और चारों तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा नजर आ रहा है। इस त्रासदी के बीच, तालिबान के ये नियम महिलाओं के लिए दोहरी मुसीबत बन गए हैं।