
नगरपालिका परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पदाधिकारियों ने बताया कि राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टे सिर्फ नजूल भूमि में ही प्रदान किए जा रहें हैं, जबकि नगरपालिका में अधिकांश भूमि छोटे झाड़ के जंगल या रिजर्व फारेस्ट मद में दर्ज हैं।
वहां रह रहे निवासियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने भूमि का मद परिवर्तन कर आबादी भूमि या नजूल भूमि में दर्ज करने की मांग रखी। कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अश्वनी देवांगन के मार्गदर्शन में नवनिर्वाचित सदस्यों को नगरीय प्रशासन एवं विकास के समस्त योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी गई। पार्षदों एवं अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय चर्चा करते हुए आगामी 05 वर्षों की कार्य योजना पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर रणनीति तैयार की गई। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता के आधार पर वार्ड वार कार्य योजना तैयार करने तथा उसका क्रियान्वयन के संबंध में बताया। शहर में मूलभूत सुविधाओं जैसे घर-घर तक पानी उपलब्ध कराना, स्वच्छता, जल निकासी, सड़क, वार्डों में बारहमासी सड़क की सुविधा, बिजली व्यवस्था आदि के संबंध कार्य योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। शहर का सौन्दर्यीकरण, जल संरचनाओं का संधारण एवं सौन्दर्यीकरण तथा विभिन्न स्थानों पर छोट-छोटे पार्क एवं हरियाली के विस्तार के लिए कार्य योजना तैयार कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। शहर में बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन जैसे ई-लाईब्रेरी, आॅडिटोरियम, छठ घाट का विकास एवं सौन्दर्यीकरण, स्वीमिंग पूल का निर्माण आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में अपर कलेक्टर ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कई सुझाव एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन की ओर से विकास में पूरा सहयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य नगरपालिका अधिकारी दीपक एक्का, मिशन प्रबंधक संजीव तिवारी, उप अभियंता आलोक चक्रधारी, मोनिका प्रसाद, क्षितिज सिंह, अनिल सोनवानी एवं नगरपालिका के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।
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