जफरयाब जिलानी बोले- मोदी सरकार ने दिल्ली चुनाव में फायदा लेने के लिए गठित किया ट्रस्ट – All india muslim personal law board member zafaryab jilani question timing of announcement trust ram temple ayodhya bjp

  • पीएम मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन का किया ऐलान
  • अभी हमारे पास क्यूरेटिव पिटीशन फाइल करने का विकल्पः जिलानी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के कन्वेनर जफरयाब जिलानी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन को दिल्ली चुनाव से जोड़ दिया है.

जब बुधवार को मोदी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया, तो जफरयाब जिलानी ने सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से ठीक पहले किया गया है. बीजेपी दिल्ली चुनाव में ध्रुवीकरण करके राजनीतिक फायदा लेना चाहती है. राजनीतिक दल इसके खिलाफ चुनाव आयोग जाएंगे.

आजतक से विशेष बातचीत में जफरयाब जिलानी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन का यह सही समय नहीं था. इस दौरान जफरयाब जिलानी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को आवंटित की गई 5 एकड़ जमीन को लेकर भी अपनी बात रखी.

उन्होंने कहा, ‘सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन अयोध्या के बाहरी इलाके में दी गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है. मैं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड से अपील करता हूं कि वो इस जमीन को स्वीकार न करे. हमारे पास अब भी अयोध्या मामले पर फैसले के खिलाफ क्यूरेटिव पिटीशन फाइल करने का विकल्प है. मैं अभी AIMPLB के दूसरे सदस्यों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा हूं. मैंने सीनियर एडवोकेट राजीव धवन से भी बात की है.’

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राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट की घोषणा की टाइमिंग पर कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी सवाल उठाया है. विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया है.

AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा के जरिए बीजेपी वोटरों को प्रभावित करना चाहती है. इसके साथ ही बीजेपी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बंधे होने की बात कहकर अपना बचाव कर रही है.

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आपको बता दें कि 9 नवंबर 2019 को दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तीन महीने के भीतर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया था. हालांकि बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा कर सरकार किसी तरह का राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश नहीं कर रही है.

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