अचानक आक्रामक हुई BJP, सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान

बठेना कांड को लेकर बीजेपी ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ( CM Bhupesh Baghel) के विधानसभा क्षेत्र के बठेना में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के विरोध में बीजेपी ने सभी भाजपा मंडल में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में गुटबाजी और परिवारवाद की राजनीति करने का आरोपों को झेल रही बीजेपी (BJP) अचानक से बेहद ही आक्रमक हो गई है. बतौर विपक्ष की भूमिका निभाते हुए बीजेपी ने करीब ढाई साल बाद या यूं कहें कि पहली बार  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के खिलाफ सबसे बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के बठेना (Bathena case) में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के विरोध में राज्य के सभी भाजपा मंडल में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी नलिनेश ठोकने ने बताया कि 17 मार्च बुधवार को प्रदेश के 428 स्थानों पर बठेना घटना के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा.

क्या है बठेना की घटना

दुर्ग जिला स्थित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन के ग्राम बठेना में 5 मार्च  शुक्रवार की रात घटित एक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी. दरअसल बठेना निवासी रामबृज गायकवाड़ पिता रंगु राम (55) और उसका पुत्र संजू गायकवाड़ (25)की लाश घर के सामने बने शेड की पाइप से एक ही नायनॉल की रस्सी में लटकी हुई थी. रामबृज की पत्नी जानकी बाई (45)और बड़ी बेटी दुर्गा गायकवाड़ (28) और छोटी बेटी ज्योति (23) घर पर नहीं मिलीं. पैरावट में एक खोपड़ी दिखाई दी. जब नजदीक से देखा गया तो तीन लाश थी. तीनों के पैर तार से बंधे हुए थे. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में अभी पड़ताल जारी है.

 विधानसभा में हो चुका है जमकर हंगामाबठेना घटनाक्रम को लेकर विधानसभा के बजट सत्र में जमकर हंगामा हो चुका है, घटना की जानकारी मिलते ही विपक्ष सत्तापक्ष पर तीव्र हमलावर हो गई. मुख्यमंत्री के क्षेत्र की घटना के कारण विपक्ष ने सदन में कोई कसर नहीं छोड़ी और बहिर्गमन तक किया था.

भाजपा विधायकों ने किया था दौरा

घटना को लेकर विधानसभा में सरकार को घेरने के तत्काल बाद बीजेपी के सभी 14 विधायक अन्य कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा से ही बठेना के लिए रवाना हो गया. बीजेपी ने परिवार के अन्य सदस्य को एक लाख रुपए के सहायता राशि सौंपते हुए हर सम्भव मदद का भरोसा जताया. इतना ही नहीं बीजेपी विधायक दल ने घटना को लेकर राज्यपाल से भी मुलाकात की.

अचानक बीजेपी हुई आक्रमक

विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए छत्तीसगढ़ बीजेपी को करीब ढाई साल का समय गुजर चुका है. लेकिन आम जनमानस में बीजेपी की आक्रामकता, उपस्थिति को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे है. इसी बीच बीते दिनों बीजेपी कार्यसमिति की पहली बैठक हुई. बैठक में सह-संगठन राष्ट्रीय महामंत्री शिवप्रकाश भी शामिल होकर आला नेताओं को सीधे हमलावर होने और आक्रामकता के साथ धरातल पर उपस्थिति दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए. इतना ही नहीं शिवप्रकाश ने नेताओं को पुत्र मोह त्याग कर पार्टी सर्वोपरि के मूल मंत्र को लेकर आगे चलने की भी नसीहत दे दी.  इसी का परिणाम है कि बीजेपी अचानक से बेहद आक्रमक दिखाई पड़ रही है. एक ही दिन में पहले मंत्री अमरजीत भगत के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत और देर शाम तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े आंदोलन का ऐलान करना. बताने के लिए काफी है कि बीजेपी अब पूरी तरह से हमलावर हो चुकी.

क्या कहती है सत्तापक्ष

बीजेपी के हमलावर तेवर  से सत्ता पक्ष भी सख्ते में आ गई है. मगर राजनीति में जवाब देने की परिपाटी का निर्वहन करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रखर वक्ता और प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कि बीजेपी के लिए अब लाशों पर राजनीति करना ही शेष रह गया है. मुद्दा विहीन, गुटों में बंटी बीजेपी पुत्र मोह तक का त्याग नहीं कर पा रही है तो मुख्यमंत्री के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करना महज अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ही है. आरपी सिंह ने यह भी कहा कि बीजेपी के 15 साल के कार्यकाल में दर्जनों घटनाक्रम हुई. पुलिस अधीक्षक तक की हत्या कर दी गई. उस वक्त बीजेपी ने क्यों कोई भी जांच कमेटी नहीं बनाई.







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here