- पूर्वी क्षेत्र के 27 चुनिंदा पदाधिकारियों की बैठक बुलाई
- एजेंडा राममंदिर निर्माण में हिंदू परिवार को जोड़ना है
अयोध्या के कारसेवकपुरम में आज बैठक होगी. इसमें पूर्वी क्षेत्र के 27 चुनिंदा पदाधिकारी शामिल होंगे. कोरोना संकट के बाद पहली बार यह बैठक हो रही है. अभी तक ऑनलाइन या वर्चुअल बैठक ही होती रही हैं.
बहरहाल, मीटिंग में राममंदिर निर्माण में विहिप की भूमिका के साथ संगठन के मुद्दों पर चर्चा होगी. राममंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद की भूमिका क्या होगी इसको तय करने के लिए पूर्वी क्षेत्र के 27 चुनिंदा पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है.
कारसेवकपुरम् में होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा राममंदिर निर्माण में हर हिंदू परिवार को जोड़ना है. देश के हर हिस्से समेत विदेशों में बसे हिंदुओं को भी राममंदिर निर्माण में आर्थिक मदद से लेकर प्रत्यक्ष जोड़ने की तैयारी है.
सुप्रीम कोर्ट से राममंदिर के पक्ष में 9 नवंबर 2019 को आए फैसले के बाद 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राममंदिर बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नामक ट्रस्ट गठित करने का ऐलान किया था.
15 सदस्यीय इस ट्रस्ट में जिन 12 सदस्यों को नामित करके स्वतंत्र होकर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया, उसमें विहिप का पूर्ण बहुमत है. अध्यक्ष बने महंत नृत्यगोपाल दास समेत महासचिव चंपत राय पहले ही विहिप के बड़े पदाधिकारी हैं.
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ट्रस्ट का महासचिव बनने के बाद पहली बार अयोध्या आए विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने पूर्वी क्षेत्र की बैठक करके राम मंदिर निर्माण में विश्व हिंदू परिषद की भूमिका को लेकर मंथन किया था. तय हुआ था कि देश और विदेश के हर हिंदू परिवार को राम मंदिर निर्माण से जोड़ने के लिए कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और 1992 जैसा कार सेवा का माहौल बनाएंगे.
पहले सवा रुपया का चंदा, अब सवा सौ प्रति व्यक्ति से कम नहीं लेना है. विश्व हिंदू परिषद यह भी सुनिश्चित करेगा कि हर इलाके का हिंदू मंदिर निर्माण के दौरान अयोध्या में सशरीर अपना प्रतिनिधित्व करे. लेकिन ठीक नवरात्र से पहले वैश्विक बीमारी कोरोना का संकट शुरू हो जाने से विहिप की योजना धरी की धरी रह गई. अब इसी रणनीति को पुनः धार देने की तैयारी है.
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इसका पहला पड़ाव नवरात्र से शुरू करने की रणनीति बनेगी. प्रधानमंत्री की ओर से जुलाई के प्रथम सप्ताह में चतुर्मास से पहले राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन भी चीन से बिगड़े हालात में स्थगित हो चुका है. अब नवरात्र से लेकर दीपोत्सव तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को विजयोत्सव के रूप में प्रस्तुत करने की योजना तय होगी.
विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि 26 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े अवध, काशी, कानपुर और गोरखपुर प्रांत के संगठन मंत्री, अध्यक्ष सहित बजरंग दल के संयोजकों के अलावा कुछ प्रमुख अधिकारियों की बैठक कारसेवकपुरम में होनी है. बैठक में वीएचपी के केंद्रीय महामंत्री विनायक राव और राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय भी शामिल होंगे.

