- होम क्वारनटीन के नए आदेश को वापस लेने की अपील की- अरविंद केजरीवाल
- 102 डिग्री बुखार हो तो वो कैसे जाकर लाइन में खड़ा होगा- अरविंद केजरीवाल
होम क्वारनटीन के नए नियमों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आपत्ति जताई है. अरविंद केजरीवाल का कहना है कि माइल्ड या बिना किसी लक्षण के लोगों को कोविड सेंटर में 15 दिन के लिए ले जाना हिरासत जैसा है. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से होम क्वारनटीन के नए आदेश को वापस लेने की अपील की है.
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अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘मेरे पास कई लोगों के फोन आए जो बिलकुल माइल्ड और बिना लक्षण वाले हैं. अब उन्हें अगर पुलिस और प्रशासन पकड़ कर कोविड सेंटर में ले जाएगी तो यह एक तरह से 15 दिन के लिए हिरासत में रखने वाली बात है. अगर किसी 80 साल की बुजुर्ग महिला को कोरोना हो जाता है और उसमें कोई खास लक्षण नहीं है, उनको पकड़ कर कोविड सेंटर ले जाएंगे. उनका ख्याल कौन रखेगा.’
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मरीज को जाकर लाइन में लगना पड़ेगा?
आगे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने होम क्वारनटीन की नई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘ये जबरदस्ती के ऑर्डर निकालना है जो केंद्र सरकार ने निकाला है. मेरे ख्याल से ये ठीक नहीं है. जबरदस्ती सब को यह कहा जाए कि उन्हें कोविड केयर सेंटर जाना है. जो हमारी व्यवस्था थी कि उसमें मरीज के घर पर मेडिकल टीम जाती थी और चेक करती थी कि अस्पताल जाने की जरूरत है या नहीं. केंद्र सरकार ने आदेश निकाले हैं कि डॉक्टर मरीज के घर नहीं जाएगा मरीज को जाकर लाइन में लगना पड़ेगा.’
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, ‘किसी को 102 डिग्री बुखार हो तो वो कैसे जाकर लाइन में खड़ा होगा. केंद्र सरकार से निवेदन है कि जो आदेश निकाला है, हो सकता है उसे लेकर कोई गलतफहमी हो तो उनसे अपील करते हैं कि ऑर्डर वापस ले लें.’