अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण दिया, जिसमें उन्होंने प्रवासियों पर तीखे हमले किए. सदन में मौजूद डेमोक्रेटिक सांसदों ने पहले एक घंटे तक शांत रहने की योजना बनाई थी, लेकिन ट्रंप द्वारा मिनेसोटा के सोमाली समुदाय को ‘समुद्री डाकू’ कहने पर यह धैर्य टूट गया.
मिनेसोटा की सोमाली-अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और रशीदा त्लाइब ने ट्रंप को बीच में टोकते हुए उन पर तेज हमला किया. उमर ने बार-बार चिल्लाकर कहा कि ट्रंप ने अमेरिकियों को मारा है और उन्हें शर्म आनी चाहिए.
यह विरोध विशेष रूप से मिनेसोटा में इमिग्रेशन क्रैकडाउन के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों, रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की संघीय एजेंटों द्वारा की गई हत्याओं के संदर्भ में था. ट्रंप ने पलटवार करते हुए डेमोक्रेट्स को ‘पागल’ बताया और उन पर चुनाव में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया.
सदन में ‘शांति’ की योजना हुई फेल
स्पीच की शुरुआत में डेमोक्रेट्स ने चुपचाप बैठकर विरोध करने का फैसला किया था. सांसद अल ग्रीन को संबोधन के शुरुआती पलों में विरोध करने पर चैंबर से बाहर निकाल दिया गया. हालांकि, जैसे ही ट्रंप ने कहा कि सरकार का कर्तव्य ‘अवैध एलियंस’ को नहीं बल्कि अमेरिकी नागरिकों को बचाना है और इसके लिए डेमोक्रेट्स को शर्मिंदा होना चाहिए, वैसे ही इल्हान उमर और अन्य सांसदों ने अपनी चुप्पी तोड़ दी.
ट्रंप ने अपनी नीतियों को दक्षिणी सीमा को सील करने और प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए सफल बताया. उन्होंने मिनेसोटा का उदाहरण देते हुए वहां के सोमाली समुदाय पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए. इस पर इल्हान उमर ने उन पर पलटवार किया. ट्रंप ने पिछले महीने संघीय एजेंटों द्वारा प्रदर्शनकारियों रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी की गोली मारकर की गई हत्याओं का कोई जिक्र नहीं किया, जिसे लेकर डेमोक्रेट्स बेहद आक्रोशित थे.
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नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
ट्रांसपोर्टेशन सेक्रेटरी सीन डफी ने उमर और त्लाइब के हस्तक्षेप को ‘अत्यंत विचलित करने वाला’ बताया और कहा कि राष्ट्रपति का सम्मान किया जाना चाहिए. दूसरी तरफ, नैन्सी पेलोसी ने इस घटना को कमतर बताते हुए कहा कि यह कमरे में ‘शायद ही ध्यान देने योग्य’ था. उन्होंने कहा कि सांसदों ने काफी हद तक नेतृत्व के मार्गदर्शन का पालन किया. बता दें कि पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इस बार दर्जनों डेमोक्रेट्स ने इस संबोधन का बहिष्कार किया था.
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