छत्तीसगढ़ में इंग्लैंड से लौटे लोगों को तलाश कर उनका टेस्ट किया जाएगा. (प्रतिकात्मक फोटो)
छत्तीसगढ़ में 100 से ज्यादा लोग इंग्लैंड से लौटे हैं. प्रशासन इन्हें ढूंढ कर इनका टेस्ट कराएगा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन लोगों के संपर्क में जो भी आए हों वो अपना टेस्ट करा लें.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 25, 2020, 7:59 AM IST
जानकारी के मुताबिक, राजधानी रायपुर के अलावा दुर्ग, भिलाई, जांजगीर चांपा, कोरबा, गुंडरदेही जैसे इलाकों के लोग इंग्लैंड से लौटे हैं. इनकी संख्या सौ से ज्यादा है, जिनमें से रायपुर से ही 40 से ज्यादा बताए जा रहे हैं. इन लोगों का पता लगाने के बाद इनमें से जो लोग आरटीपीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव मिलेंगे, उनमें यह पता लगाना जरूरी होगा कि वे साधारण कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, या स्ट्रेन-2 वायरस से.
स्ट्रेन का पता लगाने के इंतजाम नहीं
गौरतलब है कि प्रदेश में इसका पता लगाने के इंतजाम नहीं हैं कि स्ट्रेन की जांच कैसे की जाए. ऐसे लोगों के सैंपल पुणे की वायरोलॉजी लैब भेजने होंगे. वहां से रिपोर्ट आने में तीन-चार दिन लगेंगे. यानी कि तब तक यह साफ नहीं हो पाएगा कि जो लोग पॉजिटिव आए, उनमें घातक वायरस वाले कितने हैं।सूची के मुताबिक इतने लोग मिले
इंग्लैंड से आने वालों की जो सूची अब तक मिल पाई है, उसके मुताबिक सौ से भी अधिक लोगों में से 40 से ज्यादा लोग राजधानी रायपुर में आए हैं. ये रायपुर के बैरन बाजार, शताब्दी नगर, टाटीबंध, तेलीबांधा जैसे इलाकों के हैं. एक दर्जन लोग भिलाई, दस से ज्यादा लोग दुर्ग, दो लोग कोरिया जैसे इलाकों से हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक पिछले 30 दिन में ब्रिटेन से प्रदेश में आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच आरटीपीसीआर टेस्ट के जरिए जरूरी है. अगर सैंपल पॉजिटिव आते हैं, तब यह पता लगाना जरूरी हो जाएगा कि यह नया म्यूटेंट वायरस तो नहीं है. हेल्थ विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ऐसे लोग पिछले तीस दिन में ब्रिटेन से आने वाले लोगों के कांटेक्ट में आएं हैं, वो अपनी आरटीपीसीआर जांच जरूर करवाएं.

