इंदौर , अमेरिका के दो सप्ताह के इंटरनेशनल विजिटर लिडरशिप प्रोग्राम के प्रवास से लौटे इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और अब इससे बचने के बजाय इसे समझकर जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर को ए आई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा और शहर में ए आई अवेयरनेस तथा ए आई लिटरेसी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। महापौर ने बताया कि अमेरिका में अलग-अलग राज्यों और शहरों में ए आई से जुड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कंपनियों और संस्थानों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका में ए आई के क्षेत्र में सरकार से ज्यादा इंडस्ट्री और निजी क्षेत्र नेतृत्व कर रहे हैं। वहां ए आई के रेगुलेशन को लेकर भी लगातार चर्चा चल रही है। भार्गव ने कहा कि ए आई का प्रभाव शिक्षा, व्यवसाय, रोजगार, स्वास्थ्य और शहरों की गवर्नेंस सहित हर क्षेत्र में बढ़ेगा। इससे नौकरियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी, बल्कि उनका स्वरूप बदलेगा। युवाओं को पारंपरिक नौकरियों के साथ ए आई आधारित तकनीक, रिसर्च और नई विशेषज्ञताओं के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने बोस्टन की ए आई पॉलिसी का उदाहरण देते हुए कहा कि इंदौर भी इससे सीख सकता है। शहर में डिजिटल गवर्नेंस के साथ AI आधारित व्यवस्थाओं को विकसित किया जा सकता है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, सार्वजनिक परिवहन, नागरिक सेवाओं और शहर की समस्याओं के समाधान में ए आई का उपयोग किया जा सकता है। महापौर ने ए आई के साथ प्राइवेसी और सुरक्षा को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के लाभ के साथ उसके जोखिमों को समझना भी जरूरी है। इसके लिए सरकार के साथ मीडिया, शिक्षण संस्थानों, उद्योग और सामाजिक संगठनों को मिलकर AI जागरूकता बढ़ानी होगी। भार्गव ने कहा कि उनकी कोशिश है कि इंदौर को केवल AI का इस्तेमाल करने वाला नहीं, बल्कि AI को समझने, सिखाने और जिम्मेदारी से उपयोग करने वाला शहर बनाया जाए। इसके लिए AI हब और AI अवेयरनेस को अगला बड़ा कदम बनाया जाएगा।
बाइट – पुष्यमित्र भार्गव , महापौर , इंदौर नगर निगम


