‘इरादा मजबूत हो तो सब हो सकता है,’ इसी हकीकत पर है इनकी कहानी । everything is possible if will is powerful this story tells the same

दुर्ग के पर्यावरण प्रेमी पंकज अग्रवाल यूं तो पहले से ही अपने काम के साथ-साथ पेड़- पौधों पर ध्यान देते थे, लेकिन जब से कोरोना आया तो इन्होंने पूरी तरह से अपने बाड़े पर ध्यान दिया और आज बिना किसी तरह के पेस्टिसाइड का उपयोग किए पूरी तरह से शुद्ध फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं.




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