Success Story: छत्तीसगढ़ की बेटी सृष्टि बाफना ने इसरो की सिविल चयन परीक्षा में टॉप किया है.
इसरो की सिविल चयन परीक्षा में सामान्य वर्ग में छत्तीसगढ़ की सृष्टि बाफना ने टॉप किया किया है. छात्रा ने बताया कि परिवार से सहयोग और कठिन परिश्रम से यह सफला प्राप्त की है. पढ़ें छात्रा की सफलता की पूरी कहानी.
सामान्य वर्ग में किया है टॉप
लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू के लिए कुल 124 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था. अंतिम 11 अभ्यर्थियों में सृष्टि सामान्य वर्ग में टॉप पर रहीं. राज्य के दुर्ग जिले के पदमनाभपुर निवासी मोती बाफना व्यवसायी और मां प्रभा बाफना की बेटी सृष्टि बाफना शुरू से ही मेधावी छात्रा रही. उसने हिंदी माध्यम से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई की.
10वीं और 12वीं में भी किया था टॉपकक्षा दसवीं और बारहवीं में भी सृष्टि ने राज्य स्तर पर आठवां स्थान प्राप्त किया था. बीआईटी दुर्ग से सृष्टि ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया. इसके बाद प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होते हुए सृष्टि ने कई सफलता अपने नाम की है. सृष्टि ने बताया कि वह शुरू से ही देश के लिए कुछ करना चाहती थी. इसलिए उसने इसरो की सिविल परीक्षा दी और सफल हुई.
रोजाना करती थी 8 घंटे पढ़ाई
सृष्टि ने बताया कि वह इस मुकाम को हासिल करने के लिए रोजाना 8 घंटे पढ़ाई करती थी.कठिन प्रश्नों के साथ-साथ सरल प्रश्नों पर भी पूरा ध्यान दिया. छात्रा ने आईईएस की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि वह अपने प्रोजेक्ट को सिर्फ डिग्री हासिल करने के उददेश्य से न बनाएं बल्कि उसे पूरे मेहनत और लगन के साथ बनाएं.
एनालिसिस और डाटा माइनिंग पर दें अधिक ध्यान
छात्रा ने कहा कि इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी एनालिसिस और डाटा माइनिंग पर अधिक ध्यान दें. तभी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकेगी. सृष्टि ने बताया कि हिंदी माध्यम स्कूल से पढाई कर देश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होकर सफल होने तक का सफर थोडा कठिन जरूर था, लेकिन परिवार से सहयोग और कठिन परिश्रम कर यह मुकाम हासिल किया.
लक्ष्य बनाकर करें मेहनत
छात्रा ने कहा कि हिंन्दी मीडियम स्कूल में पढने वाले विद्यार्थी लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करेंगे, तो सफलता उन्हें निश्चित तौर पर प्राप्त होगी. पढ़ाई के साथ- साथ छात्रा की संगीत में भी खासी रूचि रही है. उसने खैरागढ़ संगीत विश्वविदयालय से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में डिप्लोमा किया है. छात्रा ने बताया कि जब कभी पढाई करते समय नवर्स हुई, तब अपनी रूचि का संगीत सुनकर खुद को मोटिवेट किया और कदम दर कदम आगे बढ़ते गई.
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सीएम ने भी दी बधाई
छात्रा की इस सफलता पर सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर दी बधाई दी. उन्होंने सृष्टि को प्रदेश का गौरव बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.
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