छतरपुर (मध्य प्रदेश):* जिला न्यायालय के न्यायाधीशों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और ईंधन की बचत को लेकर एक सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अवकाश (वेकेशन) के दौरान उपलब्ध सभी न्यायाधीशों ने अपने घरों से कोर्ट तक की यात्रा साइकिल से की।
मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ न्यायाधीश ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है, जिसके परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, “साइकिल चलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि यह पर्यावरण की दृष्टि से भी बहुत उपयुक्त है। इसके अलावा, इससे ईंधन की भी बचत होती है, जिसके लिए देश को बहुमूल्य संचित निधि (डॉलर) खर्च करनी पड़ती है।
“न्यायाधीश ने आगे बताया कि यह प्रयास केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि यदि संभव हुआ तो प्रत्येक शनिवार को सभी न्यायाधीश साइकिल से ही कोर्ट आया करेंगे। इसके साथ ही, जो न्यायाधीश साइकिल चलाना नहीं जानते हैं या जो महिला न्यायाधीश हैं, वे पैदल या पूल कार (Pool Car) का उपयोग करके ईंधन की बचत में अपना योगदान देंगे।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आखिरी बार साइकिल कब चलाई थी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्होंने बचपन और अपने स्टूडेंट लाइफ (छात्र जीवन) में साइकिल चलाई थी और आज लंबे समय बाद इस नेक काम के लिए दोबारा साइकिल पकड़ी है। जिला न्यायालय की इस पहल की आम जनता द्वारा काफी सराहना की जा रही है।
बाइट, रविंदर सिंह, प्रधान जिला सत्र एवं न्यायाधीश


