एमपी में अब मंत्री, विधायक के पीए नहीं बन पाएंगे शिक्षक,स्कूल शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति मंजूर



भोपाल।मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति को मंगलवार को मंजूरी दी है। अब सभी शिक्षकों के ऑनलाइन तबादला आवेदन लिए जाएंगे। खास बात यह है कि मास्टरों का ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में तैनात होना अनिवार्य किया गया है। शिक्षक अब मंत्री, विधायक और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के निजी स्टॉफ में पदस्थ नहीं हो पाएंगे।
नई ट्रांसफर पॉलिसी में प्रावधान किया गया है कि अब ऑनलाइन लिए जाएंगे शिक्षकों के तबादला आवेदन, ट्रांसफर के लिए 31 मार्च से 15 मई के बीच पोर्टल पर देना होंगे टीचर्स को आवेदन। सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि अब शिक्षक को कम से कम तीन साल और पूरे सेवाकाल में दस साल तक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में तैनात होना होगा। शहरों में दस साल से अधिक समय से डटे शिक्षकों को भेजा जाएगा गांव के स्कूल। मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट में मंजूर नीति के अनुसार शिक्षक अब मंत्री या निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की निजी स्टॉफ में पदस्थ नहीं हो पाएंगे। सेवाकाल में तीन साल बाकी होने या फिर गंभीर बीमारी वाले शिक्षकों को तबादले से मिलेगी छूट। सीएम राइज और उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों को स्वैच्छिक तबादले की नहीं होगी अनुमति। प्राचार्य और वरिष्ठ शिक्षकों के ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो तरह से हो सकेंगे तबादले।

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