भोपाल। केक को तो आप जानते ही होंगे, जी हां। वही केक जो जन्म दिन पर काटा जाता है, जन्म दिन ही नहीं, अन्य उत्सव के मौके पर भी आजकल केक काटे जाने लगा है। वैसे तो ताजा केक खाना सेफ होता है, लेकिन मध्य प्रदेश में कुछ अलग परिस्थिति निर्मित हो गई। यह केक कोई आम केक नहीं है। यह केक मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के जन्म दिन के दो दिन पहले 16 नवंबर को काटा गया। उनका जन्म दिन तो 18 नवंबर को आता है, लेकिन उत्साही कार्यकर्ताओं ने दो दिन पहले ही केक काटकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। केक जैसे ही कटा, कोई उसे खाता, उससे पहले ही बेचारे केक पर आफत आ गई। कमल नाथ छिंदवाड़ा से ही 9 बार सांसद रहे हैं और वर्तमान में वहीं से विधायक भी हैं। हुआ यूं कि 16 नवंबर को छिंदवाड़ा जिले से कुछ कार्यकर्ता केक बनवाकर लाए।

केक का आकार मंदिर की तरह था, मंदिर के गुंबद में भगवान हुनमान जी की प्रतिमा बनी थी। और यहीं पर कांग्रेसी कार्यकर्ता भूल कर बैठे। कार्यकर्ता तो कार्यकर्ता, कमल नाथ ने भी इसपर सवाल उठाने के बजाए केक काट लिया और इस प्रकार मंदिर काट दिया गया। इस कार्यक्रम में छिंदवाड़ा सांसद और कमल नाथ के बेटे नकुल नाथ भी मौजूद थे। जैसे ही इस घटना के फोटो वीडियो में सोशल मीडिया में वायरल हुए, बवाल मच गया। भाजपा ने तो कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान बताया है। शिवराज नेकहा कि देखिए ये बगुला भगत है, इनका भगवान से कोई लेना देना नहीं है। ये वो पार्टी है जो कभी राम मंदिर का विरोध करती थी। फिर देखा, इसके कारण वोट का नुकसान हो जाता है तो हनुमान जी याद आ गए। उन्होंने लिखा कि मुंह में राम, बगल में छुरी, जाकी रही भावना जैसी, अब बताइए! केक पर हनुमान जी बनाए जाते हैं यह सनातन परंपरा का अपमान नहीं है क्या? आप हनुमान जी को केक पर बना रहे हैं और केक को काट रहे हैं। यह अपमान है हिंदू धर्म, सनातन परंपरा का जिसको यह समाज स्वीकार नहीं करेगा। वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने चुप्पी धारण कर ली है और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केक वाली फोटो, वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट करना शुरू कर दिया है।


