- कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा के बयान पर जेडीयू ने जताई हैरानी
- जेडीयू ने कहा- अर्थव्यवस्था के लिए शराब बेचना विकल्प नहीं
लॉकडाउन की वजह से तेजी से गिरती बिहार की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए भागलपुर से कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने शराबबंदी खत्म करने की मांग की है. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि प्रदेश में शराबबंदी खत्म की जाए और एक बार फिर से शराब की दुकानों को खोला जाए.
कांग्रेस विधायक का मानना है कि शराब की दुकानों को एक बार फिर से खोलने से बिहार सरकार को जबरदस्त राजस्व की प्राप्ति होगी. हालांकि कांग्रेस नेता अजीत शर्मा का यह भी कहना है कि वो नहीं चाहते हैं कि बिहार में शराब की दुकानें हमेशा के लिए खुलें. उनका सुझाव है कि राज्य सरकार सिर्फ 5-6 महीने के लिए शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत दे, ताकि लॉकडाउन की वजह से जो अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई की जा सके.
कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने कहा, ‘लॉकडाउन के चलते बिहार सरकार के राजस्व में कमी आई है, क्योंकि सब चीजें बंद है, चाहे व्यापार हो या फिर जीएसटी की वसूली. मुख्यमंत्री से मेरा आग्रह है कि वो शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दें, ताकि सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो और उससे गरीबों के लिए राशन और नगद की व्यवस्था की जा सके.’
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वहीं, कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा की मांग पर जेडीयू ने प्रतिक्रिया दी है. जेडीयू ने अजीत शर्मा के बयान को हैरान करने वाला बताया है. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि बिहार ने देश की जनता को बता दिया है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए शराब बेचना ही एकमात्र विकल्प नहीं है.
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उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब देश में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है और लोग शराब खरीदने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं और मौत बांट रहे हैं, तो ऐसे समय में कांग्रेस विधायक का बयान हैरानी पैदा करने वाला है. यह बयान साफ दिखाता है कि कांग्रेस में मानसिक दिवालियापन है.
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