सदन में किसानों के आत्महत्या मामले में जोरदार हंगामा. (File)
Chhattisgarh Assembly Budget Session 2021: छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में 141 किसानों ने आत्महत्या (Farmer Suicide) की है. विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन किसानों की आत्महत्या और मुआवजे का मुद्दा उठा जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई. आरोप-प्रत्यारोप के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया.
कृषि मंत्री के इस जवाब से बीजेपी भड़क गयी और सरकार पर किसानों के अपमान करने का आरोप लगाया. इसके जवाब में धनेंद्र साहू ने कहा कि बीजेपी के शासन काल में हजारों किसानों ने आत्महत्या की लेकिन किसी एक को भी मुआवजा दिया हो तो बताएं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बीजेपी शासन काल को याद दिलाते हुए कहा कि जब चंद्रशेखर साहू के कृषि मंत्री थे तब उन्हीं के गांव में किसान ने आत्महत्या की थी और उस समय कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू किसान के घर गए थे. तब दोषियों के खिलाफ एफआईआर की गई और बीजेपी नेता फोटो खिंचवाने जाते थे. कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने भी इस मामले में बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया.
दुर्ग में नकली कीटनाशक दवा के छिड़काव भी उठा
किसानों की आत्महत्या को लेकर आरोप-प्रत्यारोप यहीं नहीं थमा. बीजेपी ने दुर्ग में नकली कीटनाशक दवा के छिड़काव से फसल बर्बाद होने की वजह से किसान की आत्महत्या को लेकर विपक्ष को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. लेकिन इसी दौरान कृषि मंत्री ने यह आरोप लगाया कि राजनांदगांव में नकली कीटनाशक बेचने वालों को बीजेपी का ही संरक्षण मिला हुआ है क्योंकि राजनांदगांव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का क्षेत्र है.ये भी पढ़ें: Muradabad News: पुलिस पूछताछ में बोली महिला- प्रेमी से करना था शादी, पति को फंसाने रचा लूट का नाटक
राजनांदगांव जिले का नाम सुनते ही बीजेपी ने हंगामा शुरू कर दिया और सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया. आखिर में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया.