‘किसान सम्मान निधि बंद करने की तैयारी में है केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को नहीं मिले पैसे’ | raipur – News in Hindi

'किसान सम्मान निधि बंद करने की तैयारी में है केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को नहीं मिले पैसे'

किसान सम्मान निधि को लेकर कांग्रेस नेता ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाए हैं.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) के प्रवक्ता ने किसान सम्मान निधि (Kisan Samman Nidhi) को लेकर केन्द्र की बीजेपी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इस योजना को बंद करने की तैयारी बताई.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 8, 2020, 11:04 AM IST

रायपुर. किसान सम्मान निधि (Kisan Samman Nidhi) में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के 25 लाख किसानों (Farmer) के नाम शामिल नहीं है. अब इसको लेकर कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज ह गई है. कृषि विभाग की ओर से किसानों का रजिस्ट्रेशन करना था, लेकिन 27 लाख की जगह सिर्फ 2 लाख किसानों का रजिस्ट्रेंशन किया गया. इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) ने कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. साथ ही इसे किसानों के साथ छल और ठगी भी बताया है. जबकि कांग्रेस नेता मामले को लेकर केन्द्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साध रहे हैं और इस योजना को बंद करने की तैयारी की बात कह रहे हैं.

पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को 540 करोड़ रुपये की राशि मिलती, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने होने के कारण सिर्फ 40 करोड़ राशि ही मिल पाई है. सरकार की लापरवाही के कारण किसानों को मिलने वाले 500 करोड़ रुपये लटक गये हैं. राज्य की कांग्रेस सरकार की इस नीति के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है.

कांग्रेस ने लगाए ये आरोप
राज्य में सत्तारुढ़ पार्टी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने सीधे केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि किसान विरोधी काम किया जा रहा है. जब पहली और दूसरी किश्त में किसानों को लाभ दिया गया तो इस बार कम किसानों को लाभ क्यों दिया गया. केन्द्र सरकार की पैसा देने की नियत ही नहीं है. इसके अलावा केन्द्र की बीजेपी सरकार किसान सम्मान निधि योजना को बंद करने की तैयारी में है. बहरहाल प्रदेश में किसान सम्मान निधि को लेकर राजनीति चरम पर पहुंच चुकी है और दोनो राजनीति दलों की आपसी बहस में परेशान किसान ही हो रहे हैं.




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