पुलिस मामले की जांच कर रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
आदिवासी परिवार के 3 सदस्यों की हत्या (Murder) कर दी गई. मृतकों में पिता-पुत्री और 4 साल की नातिन शामिल है. तीनों के शव मंगलवार को गांव से लगे जंगल में बरामद हुए हैं. यह चार दिन से गायब थे. मौके से किशोरी की सांसें चल रहीं थीं, जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई.
- News18Hindi
- Last Updated:
February 2, 2021, 11:36 PM IST
जानकारी के अनुसार लेमरू थाना क्षेत्र के देवपहरी गांव के रहने वाले धरमू , उसकी बेटी तीजमति और चार वर्षीय नातिन सतमति शुक्रवार से लापता थे. परिवार के लोग इनकी तलाश में थे. मंगलवार को गढ़-उपरोड़ा के जंगल में शव पड़े होने की जानकारी मिली. इस पर पुलिस फौरन सक्रिय हो गई. जंगल में सर्चिंग के दौरान धरमू और सतमति का शव बरामद हो गया. वहीं पर तीजमति बेहद गंभीर हालत में थी, जिसकी सांसें चल रहीं थीं. वह चार दिन से लापता थी. इसके फौरन बाद पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
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ये है पूरा मामलाबताया जा रहा है कि धरमू उर्फ झकड़ी कोरवा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ संतु राम मंझवार के यहां करीब एक साल से मवेशी चराने का काम कर रहा था. संतु राम ने शुक्रवार को काम नहीं होने की बात कहकर उन्हें गांव जाने के लिए कह दिया. इस पर धरमू अपनी पत्नी, बेटी और नातिन के साथ पैदल ही गांव लौट रहा था. रास्ते में संतु राम बाइक लेकर उनके पास पहुंच गया. उसने सभी को घर छोडऩे की बात कही. इस पर संतु राम की बाइक में धरमू कोरवा अपनी बेटी तीजमति और नातिन सतमति के साथ बैठ गया. जबकि एक अन्य बाइक पर उसकी पत्नी अपने डेढ़ साल के पुत्र के साथ बैठ गई. बच्चे के साथ पत्नी गांव पहुंच गई, लेकिन धरमू और दोनों लड़कियां नहीं पहुंचे. पुलिस को यहीं से संतु राम पर शक गहरा गया. इस पर पुलिस ने संतु राम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जंगल में लड़कियों के होने की बात बताई. पुलिस ने निशानदेही पर 4 साल की बच्ची का शव बरामद किया, लेकिन तीजमति की सांसे चल रही थीं. उसे जिला अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई. पुलिस इसे पुरानी रंजिश से भी जोडक़र देख रही है.

