- 25 मई तक दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 4506 बेड्स थे
- सीएम केजरीवाल ने 25 मई को अस्पतालों की स्थिति की दी थी जानकारी
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक कोरोना की मौजूदा हालत को देखते हुए 31 जुलाई तक दिल्ली में 80 हजार बेड की जरूरत होगी. लेकिन क्या इसके लिए दिल्ली तैयार है? दरअसल, दिल्ली में मार्च के महीने से लेकर 25 मई तक सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कुल 4506 बेड्स का ही इंतजाम था.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 25 मई को दिल्ली में अस्पतालों की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि कोरोना के सरकारी अस्पतालों में कुल 3829 बेड हैं, जिसमें 3164 बेड में ऑक्सीजन उपलब्ध है. 25 मई तक सरकारी अस्पतालों के 3829 बेड में से केवल 1478 बेड ही इस्तेमाल किए गए. 25 मई तक सरकारी अस्पतालों के करीब 2500 बेड खाली थे. 25 मई तक सरकार के पास 250 वेंटिलेटर थे. उनमें से केवल 11 वेंटिलेटर इस्तेमाल हो रहे थे और करीब 240 वेंटिलेटर खाली थे.
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इसी तरह, 25 मई तक प्राइवेट अस्पतालों में कुल 677 बेड थे और उनमें से अभी 509 इस्तेमाल हुए थे. जबकि 168 बेड खाली थे. 25 मई तक प्राइवेट अस्पतालों में 72 वेंटिलेटर थे, जिसमें सिर्फ 15 इस्तेमाल हो रहे थे. बढ़ते मामलों के साथ ही 25 मई के बाद सरकार ने अस्पतालों और बेड्स की संख्या बढ़ाने में तेजी दिखाई.
29 मई को एक आदेश जारी कर सरकार ने 2 सरकारी अस्पतालों को कोरोना अस्पताल घोषित किया था और आदेश के मुताबिक 2 जून से यहां कोरोना मरीज भर्ती किये गए.
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1. दीपचंद बंधु अस्पताल (200 बेड)
2. सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल (200 बेड)
30 मई को दिल्ली सरकार ने आदेश जारी कर 1500 बेड वाले GTB अस्पताल को कोरोना इलाज के लिए घोषित किया गया. 3 जून को तीन प्राइवेट अस्पतालों को सिर्फ कोरोना इलाज के लिए घोषित किया गया.
1.मूल चंद ख़ैराती लाल अस्पताल ( 126 बेड )
2.सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ( 139 बेड )
3. सर गंगा राम अस्पताल ( 508 बेड)
हालांकि 25 मई से लेकर 10 जून तक दिल्ली में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में कुल 4555 बेड्स का इंतजाम हो पाया है. दिल्ली सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में इस समय कुल 9061 बेड दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए उपलब्ध हैं. इनमे से 4683 बेड पर मरीज हैं और 4378 बेड खाली हैं. साथ ही कुल 509 वेंटिलेटर दिल्ली के अस्पतालों में हैं जिनमें से 264 वेंटिलेटर पर मरीज हैं और 245 वेंटिलेटर खाली हैं.
दिल्ली सरकार के 5 बड़े सरकारी अस्पताल जो सिर्फ कोरोना का इलाज कर रहे
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1. लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल
कुल बेड- 2000
भरे हुए बेड- 742
खाली बेड- 1258
2. गुरु तेग बहादुर अस्पताल
कुल बेड- 1500
भरे हुए बेड- 159
खाली बेड- 1341
3. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
कुल बेड- 500
भरे हुए बेड- 257
खाली बेड- 243
4. दीप चंद बंधु अस्पताल
कुल बेड- 176
भरे हुए बेड- 87
खाली बेड- 89
5. सत्यवादी राजा हरीश चंद्र अस्पताल
कुल बेड- 168
भरे हुए बेड- 21
खाली बेड- 147
दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पताल जो सिर्फ कोरोना का इलाज कर रहे हैं-
1. AIIMS दिल्ली
कुल बेड- 265
भरे हुए बेड- 202
खाली बेड- 63
2. AIIMS झज्जर
कुल बेड- 725
भरे हुए बेड- 561
खाली बेड- 164
3. सफदरजंग अस्पताल
कुल बेड- 283
भरे हुए बेड- 277
खाली बेड- 6
4. राम मनोहर लोहिया अस्पताल
कुल बेड- 137
भरे हुए बेड- 132
खाली बेड- 05
5. लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
कुल बेड- 68
भरे हुए बेड- 64
खाली बेड- 04

