कोरोना से युवक की मौत पर अखिलेश ने जताया दुख, कहा- भ्रष्टाचार रोकने में सरकार विफल – Corona virus uttar pradesh first death samajwadi party akhilesh yadav yogi govt

  • कहा- रास्ते में दम तोड़ने वालों का शव घर पहुंचवाए सरकार
  • अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों की बड़े पैमाने पर जरूरत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में कोरोना से पहली मौत की घटना को दुखद बताया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि प्रदेश के वीवीआईपी जिले गोरखपुर में कोरोना वायरस के कारण 25 साल के युवक की मौत की घटना अत्यंत दुखद है. उन्होंने इसे चिंताजनक बताया और गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले बस्ती जिले के निवासी युवक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि घर लौट रहे जिन लोगों की मौत हो गई है, सरकार उनके शव की पहचान करा कर पूरे सम्मान के साथ उनके घरों तक पहुंचाए. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इनके परिजनों को तत्काल 25 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जानी चाहिए. पूर्व मुख्यमंत्री ने व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए और सरकार पर भ्रष्टाचारियों का खेल रोक पाने में विफल रहने का आरोप लगाया.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…

उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों को बड़े पैमाने पर चिकित्सकीय उपकरणों की जरूरत है. प्रयागराज में दवाएं खत्म हो गई हैं, तो बांदा में दो वेंटिलेटर के भरोसे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल चल रहा है. आजमगढ़ के सांसद ने सवाल किया कि कोरोना से जंग के बीच आजमगढ़ में डॉक्टरों के नाम पर जारी हुए 3 हजार मास्क कहां गए? त्रासदी के दौर में भी सरकार भ्रष्टाचारियों का खेल नहीं रोक पा रही है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के बचाव के लिए सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने में चूक न करे, जिससे जीवन रक्षक बेखौफ होकर अपना काम कर सकें. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पैरामेडिकल स्टाफ को भी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए. पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर और टेस्टिंग किट की व्यवस्था होनी चाहिए. अखिलेश ने एम्बुलेंस चालकों और कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर भी सरकार को घेरा.

यह भी पढ़ें- कोरोना ने पकड़ी तेजी, देश में 1900 से ज्यादा मरीज, अब तक 58 मौत

उन्होंने अपने कार्यकाल में शुरू हुई 102 और 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक, स्टाफ को तीन माह से वेतन नहीं मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इसके लिए उन्हें हड़ताल करनी पड़ी. पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि ऐसे अवसर पर मानवीय संवेदना का परिचय देना चाहिए, जिससे इस बीमारी से लड़ने में कोई कोताही न हो. उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से भी अपने आसपास रह रहे लोगों के भोजन, दवा, उपचार का प्रबंध करने की अपील की. बता दें कि उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here