क्‍या कोरोना वैक्‍सीन में गाय, सुअर और अबोर्टेड बेबी के बॉडी पार्ट? जानें क्‍या है कांग्रेस नेता की दलील

छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश शर्मा द्वारा कोविड 19 वैक्सीन को धर्म से जोड़ने का मामला सामने आया है.

छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश शर्मा द्वारा कोविड 19 वैक्सीन को धर्म से जोड़ने का मामला सामने आया है.

chhattisgarh latets news: कांग्रेस नेता यने कलेक्टर को लिखे अपने पत्र में ओमप्रकाश शर्मा कांग्रेस नेता ने कहा है कि कोविड वैक्सीन में गाय, सुअर और अबोर्टेड बेबी के बॉडी पार्ट रहते हैं.

छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा के बोड़ला नगर पंचायत में सभापति खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति स्वास्थ्य व चिकित्सा विभाग कांग्रेस नेता ओमप्रकाश शर्मा द्वारा कोविड 19 वैक्सीन को धर्म से जोड़ने का मामला सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वैक्सीन में गाय, सुअर और अबोर्टेड बेबी के बॉडी पार्ट होने का हवाला देते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर धर्म के आधार पर छूट मिलने की मांग की है.

कांग्रेस नेता यने कलेक्टर को लिखे अपने पत्र में ओमप्रकाश शर्मा कांग्रेस नेता ने कहा है कि कोविड वैक्सीन में गाय, सुअर और अबोर्टेड बेबी के बॉडी पार्ट रहते हैं. मैं हिन्दू धर्म से हूं और हमारे धर्म में इस तरह के चीजों का सेवन पूरी तरह से पाप माना जाता है, निषेध हैं. इसके चलते मुझे व मेरे परिवार को इस टीकाकरण से छूट मिले, जो हमारा धर्म भ्रष्ट कर रहा है. कांग्रेस नेता ने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि एक जनहित याचिका औरंगाबाद हाईकोर्ट में डॉ विलास जगदाले बनाम भारत सरकार (15232,2019) दाखिल है. जहां पर वैक्सीन कोर्ट स्टेबलिश करते हुए धर्म के आधार पर छूट मिले, जोक‍ि अमेरिका में 1976 से लागू है, जो यहां पर लागू करते हुए छूट दिया जाए.

Congress leader letter

छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस नेता ने कलेक्टर को पत्र लिखकर धर्म के आधार पर कोरोना वैक्‍सीन में छूट मिलने की मांग की है.

कांग्रेस नेता का कहना है क‍ि भारत के संविधान आर्टिकल 25 में भी इसके प्रावधान है. साथ ही वैक्सीन के साइड इफेक्ट बहुत सारे रहते हैं. इसकी ऑथेनटीसिटी सुप्रीम कोर्ट के मेहता बनाम भारत सरकार केस सामने है. कोविड वैक्सीन को लेकर किसी तरह से कोई जबरदस्ती नहीं है. अगर आप को लगता है तो वैक्सीन लगवाएं, नहीं तो कोई बात नहीं है लेकिन इस तरह के बातों से लोगों में अविश्वास की भावना पैदी होती है. लोग इसे सस्ती राजनीति के अलावा और कुछ नहीं मानते है. लोगों को इस तरह की बातों को,अफवाहों से बचना चाहिए है.







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