गुना पुलिस की साइबर सेल ने 13 पीड़ितों को लौटाए 50 हजार 212 रुपये, ऑनलाइन ठगी के मामलों में मिली राहत

गुना। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गुना पुलिस साइबर अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसने के साथ ही ठगी के शिकार लोगों को उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने में भी जुटी हुई है। इसी कड़ी में गुना पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक और महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के 13 पीड़ितों को कुल 50 हजार 212 रुपये की राशि वापस कराई है। लंबे समय से अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे पीड़ितों के लिए पुलिस की यह कार्रवाई राहत लेकर आई है।

पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के दिशा-निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन में जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का फोकस केवल साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी जांच के जरिए ठगी गई रकम को सुरक्षित कराकर पीड़ितों के बैंक खातों में वापस पहुंचाना भी है।

दरअसल, ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद कई लोग समझ नहीं पाते कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए। इसी दौरान ठगों द्वारा उनके खातों से निकाली गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी होता है। गुना पुलिस की साइबर सेल टीम इसी प्रक्रिया के तहत शिकायत मिलने के बाद तत्काल तकनीकी जांच शुरू करती है और ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची है।इसके बाद NCRP पोर्टल की MRM प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में ठगी की रकम होल्ड कराने के प्रयास किए जाते हैं।

इसका उद्देश्य ठगी की राशि को आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर होने से रोकना होता है। संबंधित बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसी सक्रियता और तकनीकी कार्यवाही के परिणामस्वरूप पुलिस को 13 और पीड़ितों की रकम वापस कराने में सफलता मिली है।इस कार्यवाही में अशोक कुमार, विमलेश्वर यादव, हरिओम केवट, सुनील ओझा, सोनम खान, अभिषेक, दिलीप धाकड़, प्रमोद जाटव, गोलू लोधा, चिंटूलाल अहिरवार, यश श्रीमाल, बड़ेराज सिंह और निखिल को राहत मिली है। इन सभी आवेदकों के साइबर ठगी से जुड़े प्रकरणों में कुल 50 हजार 212 रुपये की राशि उनके बैंक खातों में वापस कराई गई है।

गौरतलब है कि साइबर ठगी के मामलों में रकम वापस कराना आसान प्रक्रिया नहीं होती। इसके लिए शिकायत की जांच, संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाना, राशि को होल्ड कराना और बैंकिंग संस्थानों के साथ लगातार समन्वय करना पड़ता है। ऐसे में साइबर सेल की तकनीकी कार्यवाही और त्वरित पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिस के अनुसार, NCRP पोर्टल पर प्राप्त अन्य शिकायतों में भी कार्रवाई जारी है और पीड़ितों को उनकी धनराशि वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।इस पूरी कार्यवाही में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक जुबेर खान के नेतृत्व में आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी और महिला आरक्षक पूजा गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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