5 लाख रुपए के लिए बच्चे को अगवा करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार.
लॉकडाउन में जॉब छूटने से परेशान तीन आरोपियों ने बच्चे को अगवा कर फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी. पुलिस की सतर्कता से घटना के 12 घंटे के भीतर ही पकड़े गए अपहर्ता.
जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के रैरूमाखुर्द पुलिस चौकी के तहत बरहामड़ा गांव में बीते गुरुवार को अपराधियों ने 12 वर्षीय बालक को अगवा किया था. अपहरण के बाद बच्चे के पिता संजू बड़ा ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी, साथ ही यह भी बताया कि अपराधियों ने बच्चे को छोड़ने के लिए 5 लाख रुपए फिरौती मांगी है. अपहरण की वारदात की सूचना पर एसपी रायगढ़ संतोष कुमार सिंह तुरंत पुलिस चौकी पहुंचे और वहां बच्चे को छुड़ाने के लिए एक टीम गठित की गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में रात में ही पुलिस टीम को रवाना किया. पुलिस टीम ने अपराधियों को पकड़ने के लिए बरहामड़ा गांव के आसपास के इलाके की नाकाबंदी कर दी. बच्चे के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद अपराधियों की तलाश शुरू हुई. पीड़ित परिवार से पूछताछ में पता चला कि बालक के पिता ने कुछ माह पहले ही अपनी पुश्तैनी जमीन बेची थी. पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि गांव में ही रहकर बिजली पोल लगाने का काम करने वाले अरुण टोप्पो और उसका साथी विकास तिर्की घटना के बाद से गायब हैं. अरुण टोप्पो पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है. इस संदेह के आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की.
पड़ताल के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जंगल के भीतर तीन नकाबपोश एक बालक का हाथ-पैर बांधकर रखे हुए हैं. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया और वारदात के करीब 12 घंटे बाद अचानक जंगल के भीतर पहुंच गई. तीनों आरोपी- अरुण टोप्पो, विकास तिर्की और रामेश्वर मांझी को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके चंगुल से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. घटनास्थल पर पुलिस को 3 मोबाइल, 3 चाकू, मोटरसाइकिल और बालक की साइकिल मिली है. तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी विकास को जानकारी थी कि अपहृत बालक के पिता ने हाल ही में अपनी पुश्तैनी जमीन बेची है, जिससे बड़ी रकम घर में आई है. इसलिए उसने अपने दोनों साथियों के साथ उसने अपहरण की योजना बनाई थी.

