विज्ञप्ति के अनुसार, यातायात उल्लंघन करने वाला चालान का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है. (सांकेतिक फोटो)
विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल कोर्ट एप्लीकेशन (Court Application) को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है. इस एप्लीकेशन को उच्चतम न्यायालय की ई समिति के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है.
विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल कोर्ट एप्लीकेशन को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने तैयार किया है. इस एप्लीकेशन को उच्चतम न्यायालय की ई समिति के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है. विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्चुअल अदालत में शुरुआत में यातायात से संबंधित मामलों की सुनवाई होगी तथा धीरे-धीरे अन्य मामलों की भी सुनवाई की जाएगी. इसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को अदालत आए बगैर जुर्माना भरने का विकल्प दिया जाएगा.
कम संसाधन की आवश्यकता जैसे लाभ हो सकते हैं
विज्ञप्ति के अनुसार, यातायात उल्लंघन करने वाला चालान का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है. यदि वह अदालत में जाना चाहता है तब यातायात विभाग को एक संदेश जाएगा और मामला सुनवाई के लिए अदालत में स्थानांतरित होगा. सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऑनलाइन प्रणाली से तेजी से मामलों का निपटान तथा कम संसाधन की आवश्यकता जैसे लाभ हो सकते हैं. विज्ञप्ति के अनुसार इस अवसर पर जिले के न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद थे.