छत्तीसगढ़ में आदिवासी जमीन बेचने का नियम बदलेगा, जनजातीय परिषद का फैसला | raipur – News in Hindi

छत्तीसगढ़ में आदिवासी जमीन बेचने का नियम बदलेगा, जनजातीय परिषद का फैसला

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में जनजातीय परिषद की बैठक हुई. (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी को बेचने के लिए उपसमिति का गठन, अचानकमार टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) के गांवों के लोगों का होगा विस्थापन.

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  • Last Updated:
    September 10, 2020, 11:42 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) सरकार राज्य में आदिवासियों की जमीन बेचने के नियम में बदलाव करने जा रही है. यानी आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को बेचने के नियम में बदलाव किया जाएगा. छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद की बीते दिनों हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में इसके लिए उप समिति गठित करने का फैसला भी हुआ. इसके अलावा परिषद ने अचानकमार टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve) के गांवों के लोगों के विस्थापन के संबंध में भी निर्णय लिया. बताया गया कि टाइगर रिजर्व के तिलईडबरी, बिरारपानी और छिरहट्टा गांवों के लोगों को 10 लाख रुपए या 2 हेक्टेयर जमीन और 5 हजार वर्गफीट की बाड़ी दी जाएगी. विस्थापन के बाद ये लोग जहां रहेंगे, वहां पर पेयजल और सड़क संबंधी सुविधाएं भी सरकार मुहैया कराएगी.

रायपुर स्थित सीएम आवास में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जाति प्रमाण पत्र जारी और कैंसिल करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई. साथ ही बैठक में अगले शैक्षणिक सत्र से नए हॉस्टल बनाने को भी मंजूरी दी गई. परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 21 नए हॉस्टल बनाने को भी मंजूरी दी. इन हॉस्टलों में 14750 सीटों को स्वीकृति दी गई है. परिषद की बैठक में आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी समस्याओं को दूर करने पर बल दिया गया.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के गांवों के लोगों के विस्थापन के बाबत कहा कि विस्थापितों को सरकार अच्छी जगह पर समुचित जमीन मुहैया कराएगी. विस्थापन से पहले सभी परिवारों की सहमति भी ली जाएगी. टाइगर रिजर्व के 19 गांवों के लोगों के विस्थापन को लेकर परिषद की बैठक में सहमति बनी. परिषद की बैठक में गांवों में राजस्व संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सरकार इसके लिए गांव-गांव में कैंप लगाएगी.

आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी को बेचने या देने संबंधी नियमों में बदलाव को लेकर भी परिषद की बैठक में उप समिति के गठन का निर्णय लिया गया. इस समिति में विधायक मोहन मरकाम, लक्ष्मी ध्रुव, लालजीत राठिया, शिशुपाल सिंह सोरी और चिंतामणि महाराज शामिल होंगे. यह समिति संबंधित कानून के नियमों की जांच करेगी और इसके बाद आदिवासी जमीन गैर आदिवासी को बेचने के लिए नियमों में बदलाव को लेकर प्रस्ताव देगी.




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