बीते एक साल में राजधानी रायपुर में कोरोना ने एक से लेकर संतावन हजार छ: सौ पचास तक की सफर पूरा किया है. जो कुल ऑकड़ों का अठारह फीसदी से भी ज्यादा है. अब अगर कुल 28 जिले और अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आए लोगों में कोरोना की कुल संख्या का अठारह फीसदी से अधिक रायपुर में होगा तो समझा जा सकता है कि राजधानी खतरे के मुहाने से कभी निकल ही नहीं पायी. अब एक नजर राजधानी रायपुर में कोरोना के एक साल के सफर के आकड़ों पर डालते हैं.
मार्च 2020 से लेकर 16 मार्च 2021 तक के आकड़े
रायपुर में ऐसे बढ़े कोरोना के मरीज
माह नए मरीज कुल मरीज
. मार्च 2020 06 06
. अप्रैल 2020 06 06
. मई 2020 09 15
. जून 2020 309 324
. जुलाई 2020 2571 2895
. अगस्त 2020 8332 11227
. सितंबर 2020 22602 33829
. अक्टूबर 2020 7536 41365
. नवंबर 2020 5161 46526
. दिसंबर 2022 6144 52670
साल 2021 का लेखा-जोखा
माह नए मरीज कुल मरीज
. जनवरी 2021 712 53382
. फरवरी 2021 2195 55577
. 16 मार्च 2021 तक 2073 57650
ये ऑकडे़ बताने के लिए काफी हैं कि कोरोना संक्रमण के पूरे एक साल तक राजधानी रायपुर डेंजर जोन रही. साल 2020 तक सिंतबर माह सबसे ज्यादा घातक रहा, क्योंकि पूरे सितंबर माह में रायपुर में अब तक सर्वाधिक 22602 नए मरीज मिले है. सितंबर के बाद आकड़ों में कमी आने लगी. साल 2021 आते-आते तक स्थिति नियंत्रण में दिखने लगी. नए साल के जनवरी माह में करीब तेइस के औसत के माह भर में महज 712 मरीज ही मिले. मगर फरवरी में एक बार फिर 78 मरीज प्रतिदिन के औसत के कुल 2195 नए मरीज मिले, जबकी 16 मार्च तक 2073 नए मरीज मिल चुके हैं, जो औसतन प्रतिदिन 126 से अधिक होते हैं.
यह ऑकड़ा बताने के लिए है कि साल 2020 के सितंबर से जनवरी 2021 तक स्थिति नियंत्रण में तो रही मगर फरवरी और फिर मार्च के आधे महीने में संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है. जो तमाम जिम्मेदारों के लिए चिंता का विषय बन चुका है. एक बार फिर से कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर ना केवल संक्रमित स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव चिंता जता रहे हैं, बल्कि लॉकडाउन की खिलाफत करने वाले सीएम भूपेश बघेल भी लोगों को बचने की सलाह दे रहे हैं. तो वहीं राज्य की राज्यपाल अनुसुइया उइके को पूरा विश्वास है कि कोरोना जल्द समाप्त हो जाएगा.
राजधानी के बाद एक नजर संक्रमण के मामले में नंबर दो दुर्ग और नंबर तीन बिलासपुर में एक साल के सफर को भी देख लेते हैं…
दुर्ग और बिलासपुर में कैसा रहा कोरोना का एक साल का सफर
माह दुर्ग बिलासपुर
मार्च 2020 00 01
अप्रैल 2020 01 01
मई 2020 11 50
जून 2020 169 182
जुलाई 2020 709 650
अगस्त 2020 3198 1797
सितंबर 2020 11422 7506
अक्टूबर 2020 15975 11805
नवंबर 2020 19228 14883
दिंसबर 2020 22711 18011
जनवरी 2021 26562 21245
फरवरी 2021 27904 21732
16 मार्च 2021 तक 29249 22212
ये ऑकड़े बताने के लिए काफी हैं कि कैसे दुर्ग और बिलासपुर शून्य से तीस हजार तक की संख्या तक पहुंच गए. इन तमाम ऑकड़ों के बीच सवाल यही कि क्या कोरोना समाप्त हो गया है. क्या कोरोना अब नुकसान नहीं पहुंचाएगा. क्या कोरोना का टीका लगा लेने के बाद लोगों को लापरवाह हो जाना चाहिए. क्या अब सब तरह से आयोजन जारी रहने चाहिए. तो सभी सवालों का जवाब है नहीं. अभी भी वक्त है हमें चेतना होगा. नहीं तो हम तो असुरक्षित होंगे ही अपने परिवार और समाज को भी असुरक्षित करेंगे. इसलिए न्यूज़ 18 की अपील मास्क है मस्ट… क्योंकि जिंदगी है फर्स्ट…