एकरे सेती हमर अपने करे धरे हर समाज ला नवा दिसा देखाथे.
आज जमाना विज्ञान के होगे हे सबो जगा पहली अउ अब मा बहुतेच फरक आगे हे. काम बुता, कल कारखाना, नउकरी चाकरी, खेती किसानी मा नवा नवा चमतकार होवथे.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 21, 2020, 6:10 PM IST
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मन ला टोर के राखे मा नइ बनय
अइसे नइ होवय के अपने देह पांव ल सकेले दूसर के देखा सिखी अपन बिगाड़ ल खुदे बला. आज देखले दुनिया कहां ले कहां निकलगे बात कहत देरी नइ होवय के सवांगा तियार. डरभुतहा जीव के कांही नइ बनय ओही हर दूसर ला घलो डरवाके राखे रइथे. नान नान बात मा अनबिसवासी. दिन अउ रात दू जगा हावय अउ दूनो जगा आज निरमान के काम होवत हे. जागने वाला दिन रात जागत हे अउ सुतने वाला बर का दिन का रात. चलन होगे चढ़ती बेरा तक सुतई अउ ठुगुन ठानन करत घर भर ला पदोना. काखर पारा कोन पसोरी ए दुख ला नइ भोगत होही,चारों मुड़ा एकेच रोना बेरोजगारी के.अरे तें कमाबे नहीं त कइसे बनही. अतका काम हे के किस्सा बरोबर राजा बनेके ठेका घलो चलत हे.दूसर के गफलत वाला कमई डाहर झन निहार वोखर का गति होही तेला वोही जानय. बने बने चमचम ले माढ़े हे कहिके भोरहा मा झन रा. चमचमहा घलो ला सितावत देखे हन.सुरता अपन धुन मा जियत जागत रहिथे जागरण घलो जरूरी हे.सबो जनम मा जागरन के अपन भारी महत्तम हे. सरलग बुता काम मा पूरा परवार ला लगे रहना परथे तभे किसानी सकलाथे. प्रकृति के लीला अपरम्पार हे आज तक ले कोनो ओकर पार नइ पाइन ते आगू चलके कइसे पाहीं. जतका तोर ताकत हे ससन भर कमा तभे तोर चित हा लगे रिही, आठो कालहा अपन बेवस्था ला बनाए अउ बगराए हे. चलना हे काल हिसाब मा अतका ला सबो जान लंय. शुभ मुहूर्त सबो काल मा मिलही काबर के वोकरे हिसाब मा सबो के लेखा बंधाए धरे हे. अपन मन के रेंगइया कतका दिन अउ कतका दुरिहा रेंगही सबो जान डारहीं अउ जानते आवत घला हें. रोसलगहा हकरस ले गोठिइया ला कोनो टोका टाकी करबे ते बात बाढ़ जथे कलेचुप रेहे रा. थोरकेच देरी मा सबो नारमल हो जथे.बस अतकेच ला हमन बिचार करी समे ला झुको के कोनो नइ राखे सकिन काबर के ओकर गति सदा दिन बर नियमित हे.
गरीबी अउ अमीरी दुनो ला भोग के देख डरे हें अइसनहो घला समाज मा हाबें. कइसे सरलग अपन मिहनत मा बिसवास करके सकेलत सकेलत एक दिन थीर बांह होथे एला सबो जानत हें. माई पिल्ला के कमई हरे किसानी. अउ नउकरिहा सरकारी होवय के अउ कांही होवय वोला अपन काम ला सिद्ध करके देखाना परथे.सबो अपन सेती मानके करहीं त निसचित सफलता मिलही. लइकई बुद्धि अइसे काबर केहे गेहे ए हा गुने के बात हरय. रगड़बे तभे सोना के परख होथे. इसनहे सोना बरोबर हाथे हमर सियान जेमन अपन गियान ला आगू बढ़ाए के बुता करतेच रइथें.
समे बलवान होगे हे
आज जमाना विज्ञान के होगे हे सबो जगा पहली अउ अब मा बहुतेच फरक आगे हे. काम बुता, कल कारखाना, नउकरी चाकरी, खेती किसानी मा नवा नवा चमतकार होवथे. मनखे धरती से उठ के आन ग्रह उपग्रह मा बसे के सोचे लागिन हे. औजार ला बरोबर उपयोग करत अपन तरक्की के गाथा ला जग मा बगराने वाला साधन आगे हे.घरे मा बइठे बइठे दुनिया भर मा का होवथे तेला जाने के सुविधा आगे हे.अपडेट करे के जमाना आगेहे अइसे केहे जावत हे. कोनो किसम के रोग राई होगे त वोखर काट खोजे जाथे अउ एक सफलता जरूर मिलथे. अइसने बीमारी बेरोजगारी घलो हरय. जानत सुनत हे तभो ले आंड़ी के कांड़ी नइ करइया दुख पाहिच. बइठे बइठे रहिबे ते तरिया के पानी नइ पुरय अइसे हमर सियानमन पहली ले कहि डारे हें. बात मा अइसे रहस्य रइथे के दिखब मा नइ आवय फेर एक दिन देखनी हो जथे.
एकरे सेती हमर अपने करे धरे हर समाज ला नवा दिसा देखाथे. तेकरे सेती एक बात सिरतोन हरय अपने एकसुर्री झन चलावव सबो कोती के रद्दा चिन्हारी होना चाही.