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Chhattisgarh Board Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर लीक मामले में व्हाट्सएप के जरिए हस्तलिखित पेपर बेचने का खुलासा जांच में हुआ है. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने छात्र से ₹3000 ऑनलाइन लिए थे. पुलिस अब मुख्य स्रोत की तलाश कर रही है.
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Raipur News: छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान हिंदी का प्रश्नपत्र लीक हुआ था. अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला कि हिंदी का हस्तलिखित (handwritten) प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया था. इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
₹3000 में हुआ था सौदा
पुलिस जांच में आरोपी वेणु कुमार जंघेल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. वेणु ने एक छात्र को प्रश्नपत्र भेजने के बदले 3000 रुपये की मांग की थी. छात्र ने यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की थी. पुलिस ने जब बैंक खातों की जांच की, तो इस लेनदेन की पुष्टि हो गई है. डिजिटल सबूतों ने आरोपियों की मुश्किल बढ़ा दी है.
पीटीआई की भूमिका
इस पूरे कांड का मुख्य सूत्रधार जवाहर लाल कुर्रे बताया जा रहा है. जवाहर लाल कुर्रे बोरतरा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पीटीआई के पद पर पदस्थ है. जांच के अनुसार, जवाहर लाल कुर्रे ने ही यह प्रश्नपत्र वेणु जंघेल और विकास सेन को उपलब्ध कराया था. एक सरकारी शिक्षक की इस मामले में संलिप्तता ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अब इस महत्वपूर्ण बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर प्रश्नपत्र जवाहर कुर्रे तक कैसे पहुंचा? क्या इसमें बोर्ड ऑफिस या किसी परीक्षा केंद्र के अन्य कर्मचारी शामिल हैं? पुलिस प्रश्नपत्र के लीक होने के मुख्य स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
अब तक की गिरफ्तारियां
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में वेणु कुमार जंघेल, जवाहर लाल कुर्रे (पीटीआई), विकास सेन शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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