अब दो हथिनियों की मौत के बाद वन विभाग पर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
इन दिनों प्रतापपुर (Pratappur) क्षेत्र के गणेशपुर इलाके में अठारह हाथियों का दल विचरण कर रहा है.
अब दो हथिनियों की मौत के बाद वन विभाग पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. खास बात यह है कि एक दिन पूर्व जिस हथिनी की मौत हुई थी, उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद गर्भवती होने पुष्टी हुई है. असपास के लोगों का कहना है कि उस हथिनी की प्रसव पीड़ा से कराहने की आवाजें रातभर सुनी गई थीं. लेकिन गर्भवती हथिनी की प्रसव पीड़ा की आवाजें वन विभाग के कानों तक नहीं पहुंची. वहीं, आज फिर जब एक और हथिनी का शव उसी जंगल में मिला तो वन विभाग ने फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का हवाला देते हुए पल्ला झा दिया.
18 हाथियों का दल क्षेत्र में कर रहा विचरण
गौरतलब है कि इन दिनों प्रतापपुर क्षेत्र के गणेशपुर इलाके में अठारह हाथियों का दल विचरण कर रहा है. ऐसे में हाथियों की निगरानी की जिम्मेदारी वन विभाग के अमले पर ही है. लेकिन दो दिनों में दो हथिनी की मौत से ग्रामीण भी सकते में आ गए हैं और उनके आंखों में भी आंसू हैं. पर अपनी लचर कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले विभाग के अधिकारियों के पास हथिनियों की मौत के कारणों का जवाब तक नहीं है. लिहाजा इन हथिनियों की मौत का जिम्मेदार कौन होगा यह सवाल बना रहेगा.ये भी पढ़ें-
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First published: June 10, 2020, 1:33 PM IST

