छत्तीसगढ़ सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे महामारी घोषित किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई जिसके तहत छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (शासकीय और निजी) को ब्लैक फंगस (Black Fungus) की स्क्रिनिंग, पहचान, प्रबंधन के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य शासन/आई.सी.एम.आर/भारत सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों और समय-समय पर जारी संशोधित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा
रायपुर. छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस (Black Fungus) बीमारी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. राज्य में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वर्तमान में इसके मरीजों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है. शुक्रवार को ब्लैक फंगस से दो महिलाओं की मौत हो गई. छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने ब्लैक फंगस (Mucormycosis) को नोटिफिएबल डिजिज घोषित कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (शासकीय और निजी) को ब्लैक फंगस की स्क्रिनिंग, पहचान, प्रबंधन के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य शासन/आई.सी.एम.आर/भारत सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों और समय-समय पर जारी संशोधित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. राज्य के सभी स्वास्थ्य प्रदाताओं को ब्लैक फंगस के संदेहास्पद या पुष्टिकृत प्रत्येक प्रकरण को संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा. इसके तहत कोई भी व्यक्ति/संस्था द्वारा ब्लैक फंगस के लिए किसी भी प्रिंट, इलेक्ट्रानिक या अन्य प्रकार के मीडिया का उपयोग, स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा. किसी भी व्यक्ति द्वारा इस नियम की अवज्ञा करने पर भारतीय दंड सहिता 1860 (45) की धारा 188 के तहत दंडनीय उपराध माना जाएगा. यह अधिसूचना इसके प्रकाशन की तिथि से लागू होगी और अगले एक साल तक वैध रहेगी.