खुमान साव एक अइसे नाव जेन हमर लोक संगीत के राजा रहिन. एक अइसे नाव जेखर बारे में पढ़े कम फेर सुने जियादा हव.
वइसे चंदैनी गोंदा के ‘राजा’ खुमान साव के संगीत ल सुन के लगथे सुनते रहेव. लक्ष्मण मस्तुरिया के गीत अउ खुमान बबा के संगीत के असर आज पूरा छत्तीसगढ़ म, सब छत्तीसगढ़िया मन के रग-रग म बगरे हे.
- News18Hindi
- Last Updated:
September 8, 2020, 1:01 PM IST
यूट्यूब के जमाना आइस त ‘चंदैनी-गोंदा’ भी देखे ल मिलिस अउ खुमान बबा के धुन ल सुने बर भी. फेर मन म एक बात जरूर रहय के एक पइत भेंट बबा ले हो जतिस. मन के इक्छा पूरा होगे. एक पइत खुमान बबा रइपुर आय रहिन. रइपुर म संस्कृति बिभाग म. संग म संजीव तिवारी भईया रहिन. महूँ संस्कृति बिभाग पहुँच गेव. राहुल सर के कमरा म खुमान बबा ले भेंट होगे. गोठ-बात होइस. लोक-कलाकार मन अउ सरकार ल लेके. भेंट कमती बेरा के रहिस.
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फेर ये बात सिरतोन हरय उँखर धुन म एक जादू हे. जइसे जादू हावय चंदैनी म. जइसे जादू हावय गोंदा म. अंगना के रिग-बिग फूले चंदैनी गोंदा ल देख के जइसे लगथे देखते रहव. वइसे चंदैनी गोंदा के ‘राजा’ खुमान साव के संगीत ल सुन के लगथे सुनते रहेव. लक्ष्मण मस्तुरिया के गीत अउ खुमान बबा के संगीत के असर आज पूरा छत्तीसगढ़ म, सब छत्तीसगढ़िया मन के रग-रग म बगरे हे. लोक संगीत के ‘राजा’ खुमान साव बिना चंदैनी गोंदा सुन्ना होगे. जब कभू आप के अंगना-बारी मन म चंदैनी-गोंदा दिखही, आप मन ल खुमान बबा के सुरता जरूर आही.
महतारी अस्मिता के चिन्हारी
हम सबके गरब-सुवाभिमान हे
अमर रइही नाव जग म
छत्तीसगढ़ के रतन बेटा खुमान हे

