छत्‍तीसगढ़ी विशेष: छत्तीसगढ़ के कुरीति अउ भरम, कोनो नारी टोनही नो हय | kawardha – News in Hindi

टोनही( डायन)के धारणा हमर  यहाँ के प्रमुख अंधविश्वासों मन ले एक हावय, जेमा कोनो महिला ला डायन (टोनही) घोषित कर देथे, अउ ओकर ऊपर जादू-टोना कर के बीमारी फैलाय, गाँव में बिपत लाय के आरोप लगा के ओला गाँव भर में लांछित कर देथे. हर बरछ अइसन सैकड़ो मामले हमर मन के सामने आत हवय जिनमें  ‘तुम मन टोनही आय’ कहि के निरदोस महिला मन के न केवल सरेआम बेईज्जती होथे, बल्कि ओ कर साथ मारपीट, शारीरिक अउ मानसिक प्रताडऩा घलो देथे अउ समाज ले बाहिर निकाल देथे.

अइसन मामला मन म शारीरिक प्रताडऩा अतेक जादा होथे ,कि ओ मन महीनों शारीरिक दर्द सहन करके कराहत रहिथे अउ गाँव में ओकर इलाज मिले के सुभीता  नहीं होवय. सब के बेईज्जती अउ बदनामी के पीरा ह जीनगी भर दुख देथे. अइसन मामला म गांव के प्रभावशाली समूह मन के अतेक दबाव रहिथे कि जादू टोने के शक में प्रताडऩा के घटना के जानकारी गाँव के बाहिर नइ जा पावय अउ प्रताडि़त महिला अउ ओकर परिवार ह एकदम नरख के जीवन जियत रहिथे, अइसन मामला म कई बार प्रताडि़त महिला ह आत्महत्या घलो कर लेथे.

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टोनही के संदेह म प्रताडऩा के मामला म साधारण आदमी तो क्या गाँव के पंच सरपंच अउ सरकारी कर्मचारी घलो सामने आय के हिम्मत नहीं कर पावय, अइसन ज्यादातर मामला में तो जानकारी घलो गाँव के बाहर नइ आ पावय, जेकर सेती कथित बैगा गुनिया मन के राज कायम हो जाथे. जेन मन गाँव के सबो बिपदा के एक मात्र  कारण जादू-टोना अउ  टोनही ल बताके, टोनही पकड़वाय बर, चिन्हा करे बर, गाँव ल बाँधे के नाम बर मनमाने पैसा वसूलथे बल्कि कोनो भी गरीब महिला ल डायन (टोनही) बताके हमेशा अभिशप्त जीवन जिये व प्रताडऩा सहन करे बर छोड़ देथे.ये बैगा गुनिया मन के द्वारा महिला को डायन (टोनही) नई होय के प्रमाण दे बर अइसे परीक्षा लेथे जो कि कोई महिला बर संभव नई होवय. अइसन मामला में खुद ल निर्दोष साबित करना अब्बड़ मुश्किल हो जाथे, जब पूरा गाँव के गाँव अंधविश्वास के सेती  एक थ अकेला इंसान के विरोध म खड़ा हो जथे, जबकि सच्चाई  ये हवय  कि टोनही के रूप में घोषित करने वाला महिला में अतेक ताकत नइ होवय कि वो अपन खुद के बचाव घलो कर सके, तो,दूसर मन के नुकसान करना तो ओकर बर संभव ही नई ह हवय.

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समाज में फैले अंधविश्वास
हमन पाछू कई बछर  से समाज में फैले अंधविश्वासों अउ सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन बर अभियान चलावत हन, जेकर एक प्रमुख हिस्सा डायन (टोनही) के धारणा के निर्मूलन घलो आय एकर सेती बैठका चमत्कारिक घटना मन के वैज्ञानिक धारणा, अलग-अलग गाँवा मन में दौरा कर समझाइश देना, अंधविश्वास के पर्याय बनने वाले मामला मन के जाँच अउ सच्चाई के जानकारी, भासन,ओकर इलाज ,ओकर पुनर्वास के इंतजाम  करे जाथे। हमन ल कई बार अलग अलग चिट्ठी पत्री में,  ज्ञानी , साथी,पढ़हईया लइका, सामाजिक कार्यकर्ताओं,के समाज के गलत रीति रिवाज,परम्परा ला सुधारे बर अब्बड़ ठन सलाह पढ़े बर मिलथे.

मोर ये विचार  हवय कि अंधविश्वासों अउ सामाजिक कुरीतियों के जड़ से  खतम करे  के काम ,कोनो एक आदमी, एक संगठन या शासन बर संभव नइ हवय. अलग-अलग जगह में रहने वाले अउ काम करत सबो आदमी, यदि समाज ला सुधारे बर अपन थोड़ा समय अउ कीमती सलाह हमन ल देवय अउ साथ, हाथ बंटा कर काम कर ही, तो अइसे कोनो कारण नइ हवय कि इन कुरीतियों अउ अंधविश्वासों के निर्मूलन नइ करे जा सके, सबो मन के साथ ,सहयोग से निर्दोस महिलाओं को टोनही के शक में शापित कर प्रताड़ित करे के ये कुरीति बने तरीके से खत्म करे जा सकथे.

(ये लेखक के निजी विचार हैं)




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